15 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर आशा कर्मियों का स्वास्थ्य भवन घेराव

15 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर आशा कर्मियों का स्वास्थ्य भवन घेराव
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सन्मार्ग संवाददाता

विधाननगर : न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपये समेत विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को आशा कर्मियों ने स्वास्थ्य भवन तक रैली निकाली। रैली को केंद्र कर सॉल्टलेक इलाके में तनाव व्याप्त हो गया। जानकारी के मुताबिक जैसे ही आशा कर्मियों की रैली स्वास्थ्य भवन की ओर बढ़ी, पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग कर रोकने की कोशिश की, जिस वजह से इलाके में तनाव व्याप्त हो गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। सूत्रों के अनुसार, आशा कर्मियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को तोड़कर स्वास्थ्य भवन के मुख्य द्वार तक पहुंचने की कोशिश की। इससे इलाका कुछ देर के लिए रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उनका न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपये तय किया जाए। आशा कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे स्वास्थ्य भवन के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन पर बैठेंगी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के गेट बंद कर दिए गए थे और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। गौरतलब है कि राज्यभर में लगभग तीन हजार आशा कर्मी कार्यरत हैं। हालांकि, सरकार द्वारा चरणबद्ध तरीके से उनके भत्ते बढ़ाए गए हैं, लेकिन आशा कर्मियों का आरोप है कि यह अपर्याप्त है और असंतोष अब भी बना हुआ है। बुधवार को आशा कर्मियों ने न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपये तय करने समेत अन्य मांगों को लेकर स्वास्थ्य भवन घेराव और ज्ञापन सौंपने की घोषणा की थी। इसी को देखते हुए सुबह से ही पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और कई स्तरों पर बैरिकेड लगाए गए थे।

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