

कोलकाता : अर्जेंटीना के फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे के दौरान युवा भारती क्रीड़ांगन में हुई अव्यवस्था के मामले में पूर्व मंत्री अरूप विश्वास की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद अब उन्होंने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए बारासात अदालत में अग्रिम जमानत (एंटिसिपेटरी बेल) की याचिका दायर की है।
इस मामले में मेसी के कार्यक्रम के आयोजक शतद्रु दत्त की शिकायत पर पुलिस ने हाल ही में एफआईआर दर्ज की थी। इससे पहले शतद्रु को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। अब उनकी शिकायत के आधार पर अरूप विश्वास समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अऱूप विश्वास पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की पांच धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें समान उद्देश्य से अपराध, जबरन वसूली, धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं शामिल हैं।
शतद्रु दत्त ने आरोप लगाया है कि अऱूप विश्वास ने कार्यक्रम के लिए बड़ी संख्या में टिकटों की मांग की थी। शिकायत के अनुसार, टिकट नहीं देने पर कार्यक्रम रद्द कराने की धमकी भी दी गई थी। आयोजक का दावा है कि अऱूप विश्वास ने करीब 22 हजार कॉम्प्लिमेंट्री टिकट लिए थे और बाद में इन टिकटों की कथित तौर पर कालाबाजारी की गई।
आरोप यह भी है कि मेसी के कार्यक्रम के दौरान स्टेडियम में भारी अव्यवस्था का एक कारण वीआईपी पास और कॉम्प्लिमेंट्री टिकटों का दुरुपयोग था। बड़ी संख्या में ऐसे लोग मैदान में प्रवेश कर गए थे, जिनके पास वैध अनुमति नहीं थी। इसके कारण टिकट खरीदकर आए कई दर्शक मेसी को देख भी नहीं सके।
शतद्रु दत्त का कहना है कि प्रशासन और कुछ प्रभावशाली लोगों की गलतियों के कारण पूरा आयोजन प्रभावित हुआ। भारी भीड़ और अव्यवस्था के चलते मेसी और उनकी टीम को निर्धारित कार्यक्रम से पहले ही मैदान छोड़ना पड़ा था।
गौरतलब है कि इस विवाद के बाद अऱूप विश्वास की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। जांच शुरू होने के बाद उन्होंने खेल मंत्री का पद भी छोड़ दिया था।
पुलिस ने अदालत को बताया था कि करीब 35 हजार दर्शकों ने मेसी को देखने के लिए टिकट खरीदे थे और टिकट बिक्री से लगभग 19 करोड़ रुपये की आय हुई थी।
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद जांच में तेजी आई है और अब सबकी नजर अदालत की सुनवाई तथा पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।