आईएसएफ के हुए अराबुल

अराबुल इस्लाम आईएसएफ का झंडा थाम कर पार्टी में शामिल हुए
अराबुल इस्लाम आईएसएफ का झंडा थाम कर पार्टी में शामिल हुए
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रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : भांगड़ के चर्चित नेता अराबुल इस्लाम ने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) का दामन थाम लिया। गुरुवार को फुरफुरा शरीफ में उन्होंने औपचारिक रूप से पार्टी का झंडा हाथ में लिया। इस मौके पर उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल में उन्हें उचित महत्व नहीं दिया गया और उनके साथ खराब व्यवहार किया गया। मीडिया से बातचीत में अराबुल ने कहा कि जिस दल के लिए उन्होंने लंबे समय तक काम किया, उसी ने उन्हें नजरअंदाज किया। उन्होंने संकेत दिया कि भांगड़ के तृणमूल उम्मीदवार शौकत मोल्ला के प्रभाव के कारण वे हाशिए पर चले गए थे। अराबुल ने दावा किया कि उनके पार्टी छोड़ने का असर भांगड़ और कैनिंग क्षेत्रों में जरूर पड़ेगा और उनके समर्थक अब आईएसएफ के साथ रहेंगे।

आईएसएफ में शामिल होने के बाद अराबुल ने स्पष्ट किया कि अब वे पार्टी नेताओं अब्बास सिद्दीकी और नौशाद सिद्दीकी के निर्देशों का पालन करेंगे। उन्होंने तृणमूल में वापसी की संभावना को भी सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “अराबुल एक बार फैसला कर ले तो पीछे नहीं हटता।” वहीं, आईएसएफ नेता नौशाद सिद्दीकी ने कहा कि उनकी पार्टी अराबुल को मुख्यधारा में लौटने का एक मंच दे रही है। उन्होंने इसे किसी राजनीतिक लाभ से ज्यादा एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में वापसी का अवसर बताया।

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