

कोलकाता : शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र न्यू मार्केट इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बावजूद फुटपाथों और सड़कों पर हॉकरों की वापसी का सिलसिला जारी है।
पुलिस और नगर निगम की टीमों द्वारा नियमित निगरानी और अभियान चलाए जाने के बावजूद कई हॉकर अधिकारियों के जाते ही दोबारा अपना सामान लगाकर बैठ जा रहे हैं। नतीजतन, इलाके में अतिक्रमण हटाने को लेकर पुलिस और हॉकरों के बीच लगातार गतिरोध बना हुआ है।
छापेमारी होते ही हटते हैं, फिर लग जाती हैं दुकानें
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, न्यू मार्केट, बर्ट्रम स्ट्रीट और आसपास के व्यस्त बाजार क्षेत्रों में समय-समय पर अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जैसे ही पुलिस या नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचती है, हॉकर अपना सामान समेट लेते हैं।
लेकिन कार्रवाई खत्म होते ही कई विक्रेता फिर से फुटपाथ और सड़क के हिस्से पर कब्जा कर दुकानें लगा लेते हैं। इससे पैदल यात्रियों को चलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थायी निगरानी की चुनौती
लालबाजार के अधिकारियों का कहना है कि केवल एक बार की कार्रवाई से समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसलिए संवेदनशील इलाकों में नियमित निगरानी, गश्त और आकस्मिक निरीक्षण जारी रखा जाएगा।
पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए खुले रहें और यातायात प्रभावित न हो। हालांकि, अधिकारियों का यह भी मानना है कि रोजी-रोटी के लिए सड़क किनारे कारोबार करने वाले हॉकरों और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण रोकने के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं है।
व्यापारियों और राहगीरों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि फुटपाथों पर लगातार अतिक्रमण होने से ग्राहकों और पैदल चलने वालों को परेशानी होती है। उनका मानना है कि यदि अभियान के बाद लगातार निगरानी नहीं रखी गई, तो अतिक्रमण की स्थिति पहले जैसी हो जाएगी।
पुलिस ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में न्यू मार्केट और अन्य प्रमुख बाजार क्षेत्रों में विशेष अभियान जारी रहेगा, ताकि फुटपाथों और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त रखा जा सके।