

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट (WBJDF) में मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। संगठन के बोर्ड ऑफ ट्रस्ट के सदस्य अनिकेत महतो ने बोर्ड ऑफ ट्रस्ट और ट्रस्ट की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के एक “मनमाना फैसला” लेकर बोर्ड ऑफ ट्रस्ट में शामिल किया गया था और इस प्रक्रिया में उनसे कोई सलाह-मशविरा नहीं किया गया।
अनिकेत महतो ने ट्रस्ट और कार्यकारी समिति के गठन की वैधता, पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया प्राकृतिक न्याय और संगठनात्मक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी आपत्तियां पहले भी संगठन के भीतर रखी थीं, लेकिन उन पर कोई गंभीर विचार नहीं किया गया।
पत्र में उन्होंने अगस्त 2024 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना के बाद शुरू हुए जूनियर डॉक्टरों के आंदोलन का उल्लेख किया, जिसके तहत राज्य, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन जुटा था और उसी आंदोलन को संगठित रूप देने के लिए WBJDF का गठन हुआ था। हालांकि, उनका आरोप है कि समय के साथ आंदोलन की मूल भावना को कमजोर किया जा रहा है।
अनिकेत महतो ने डॉक्टरों की गिरफ्तारी, अस्पतालों पर हमलों और सुरक्षा में विफलता के आरोप लगाए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि अस्पतालों और डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार नाकाम रही है।
इस्तीफे के बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि वह न्याय की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे और संगठन के बाहर रहकर भी आंदोलन को अंतिम सांस तक जारी रखेंगे।
पत्र के अंत में उन्होंने कहा कि उनका यह कदम आंदोलन की नैतिकता और न्यायसंगत मांगों की रक्षा के लिए है।