काश! शव ही मिल जाता, घर ले जा पाते

आनंदपुर अग्निकांड के बाद फफक पड़े लापता कार्तिक के भाई
निताई जाना
निताई जाना
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रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : नरेंद्रपुर थाना अंतर्गत नजीराबाद इलाके के पास आनंदपुर में डेकोरेटर्स के गोदाम और कार्यालय में लगी भीषण आग की घटना के बाद अब भी कई श्रमिक लापता हैं। इन्हीं में एक हैं पूर्व मिदनापुर जिले के तमलुक थाना क्षेत्र के दक्षिण नारकेडा, नंदपुकुर निवासी कार्तिक जाना। घटना के बाद से कार्तिक का कोई सुराग नहीं मिलने पर परिवार गहरे सदमे में है। सोमवार से लगातार कार्तिक के भाई और अन्य परिजन लापता कार्तिक की तलाश में घटनास्थल और थाने के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन हर बार निराश होकर लौटना पड़ रहा है। इस बीच कार्तिक के चचेरे भाई निताई जाना ने भावुक होते हुए बताया कि रविवार रात करीब साढ़े दस बजे कार्तिक की अपने बड़े भाई और भाभी से फोन पर बातचीत हुई थी। उस दौरान कार्तिक ने सोमवार की सुबह घर लौटने की बात कही थी। लेकिन इसके बाद अचानक यह भयावह हादसा हो गया। निताई जाना ने बताया कि घटना के बाद से कार्तिक का मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ आ रहा है। वह डेकोरेटर्स कंपनी में एक श्रमिक के तौर पर काम करता था। हादसे के बाद से डेकोरेटर्स के मालिक गंगाधर दास और ठेकेदार संदीप माइती से भी कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। निताई जाना ने बताया कि कार्तिक करीब एक साल पहले डेकोरेटर्स संस्था में काम करने आया था और 15 दिन पहले ही यहां काम पर लौटा था। योजना थी कि काम खत्म कर वह जल्द घर वापस आएगा, लेकिन वह लौट नहीं सका।

आंसुओं के बीच निताई ने कहा, “अगर डेकोरेटर्स के मलबे से उसके शव के कुछ अंश भी मिल जाते, तो कम से कम हम उसे घर ले जा पाते। मन को थोड़ी शांति मिलती। लेकिन अब उम्मीद भी कम होती जा रही है।” परिवार की ओर से नरेंद्रपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। हालांकि परिजनों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस या सकारात्मक पहल नजर नहीं आ रही है। लगातार बढ़ती अनिश्चितता ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया है।


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