अमर्त्य सेन को SIR नोटिस, बंगाल में मचा सियासी घमासान

CEO कार्यालय ने बतायी तार्किक विसंगति अमर्त्य सेन के मुद्दे पर तृणमूल ने आयोग पर किया तीखा हमला

अमर्त्य सेन को SIR नोटिस, बंगाल में मचा सियासी घमासान
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केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता :

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से पहले स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को SIR के तहत नोटिस भेजी जाने की खबर सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। बीरभूम में एक जनसभा के दौरान अभिषेक बनर्जी ने इसे “बंगालियों को टारगेट करने की साजिश” करार दिया।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अमर्त्य सेन को मतदाता सूची से जुड़ी कुछ “लॉजिकल गड़बड़ियों” के कारण सुनवाई के लिए बुलाया गया है। बताया गया है कि दस्तावेजों में उनकी और उनकी मां की उम्र के अंतर को लेकर असंगतियां पाई गई हैं। हालांकि इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार किया है।

देव और मोहम्मद शमी का जिक्र

अभिषेक ने कहा कि सिर्फ अमर्त्य सेन ही नहीं, बल्कि अभिनेता देव और क्रिकेटर मोहम्मद शमी को भी SIR नोटिस भेजी गयी हैं। उनके मुताबिक, यह एक सोची-समझी रणनीति है ताकि नोटिस के बहाने लोगों को “अनमैप” किया जा सके। इनके मुद्दे पर भी सीईओ कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की। सीईओ कार्यालय का कहना है कि मामले की जांच हो रही है।

शुभेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया

विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने अमर्त्य सेन को नोटिस मिलने पर तंज कसते हुए कहा कि “शायद स्पेलिंग की कोई गलती होगी।” वहीं प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मामला पूरी तरह तकनीकी है।

चुनाव और SIR के बीच बढ़ता तनाव

SIR प्रक्रिया को लेकर तृणमूल और बीजेपी आमने-सामने आ गई हैं। तृणमूल इसे चुनाव से पहले बंगालियों को निशाना बनाने की कोशिश बता रही है, जबकि प्रशासन इसे मतदाता सूची की शुद्धता से जुड़ा नियमित कदम कह रहा है। चुनाव नजदीक आने के साथ यह मुद्दा और तेज होने के आसार हैं।

अभिषेक का चुनाव आयोग और BJP पर हमला

तृणमूल कांग्रेस के ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी ने बीरभूम में मंच से कहा, “इतना जला माथा कि अमर्त्य सेन को भी नोटिस भेज दी जिसने नोबेल जीतकर देश का नाम रोशन किया, उसे भी नहीं छोड़ा गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के जरिए बंगाल के लोगों को मतदाता सूची से बाहर करने की कोशिश हो रही है।

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