

कोलकाता : नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने जादवपुर विश्वविद्यालय (JU) में हाल में हुई हिंसा और हमले की घटना पर गहरा दुख और हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक हिंसा से लोगों की रक्षा करना आज पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है।
देश के अन्य नागरिकों के साथ-साथ विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी समर्थन और सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिंसा से मुक्त रहना हम सभी का साझा अधिकार है और हिंसा फैलाने वाली संकीर्ण सांप्रदायिक विचारधारा की बिना किसी हिचकिचाहट के निंदा होनी चाहिए।
शुभेंदु भद्र को ई-मेल के जरिए भेजा संदेश
अमर्त्य सेन ने JU ग्लोबल एलुमनी एसोसिएशन के संस्थापक शुभेंदु भद्र को ई-मेल के माध्यम से अपना संदेश भेजा। गुरुवार को विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की ओर से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उनका संदेश पढ़कर सुनाया गया। इसे विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र शिवाजी डे ने पढ़ा।
अपने संदेश में सेन ने कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय पर हुए भयावह हमले की खबर सुनकर वह स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक हिंसा से लोगों को बचाने की जरूरत पहले कभी इतनी गंभीर नहीं रही। उनके अनुसार, शिक्षा हासिल कर रहे विद्यार्थियों को ऐसे माहौल में विशेष सहयोग मिलना चाहिए।
70 साल पुराना है विश्वविद्यालय से अमर्त्य सेन का रिश्ता
अमर्त्य सेन ने जादवपुर विश्वविद्यालय के साथ अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए कहा कि करीब 70 साल पहले इसी संस्थान से उन्होंने अपने अध्यापन जीवन की शुरुआत की थी। इस महान विश्वविद्यालय के प्रति उनका गहरा जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक परिसरों में भय और हिंसा का वातावरण शिक्षा एवं स्वतंत्र विचारों के विकास के लिए नुकसानदायक है।
ABVP और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच टकराव का मामला
विश्वविद्यालय परिसर में 19 अगस्त की देर रात और 20 अगस्त को बाहरी लोगों के प्रवेश तथा हिंसा की घटनाओं को लेकर विवाद सामने आया था। आरोपों के मुताबिक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच टकराव हुआ था।
इनमें स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), FETSU, AIDSO और SBVP जैसे संगठन शामिल हैं। इस दौरान विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक पहचान को भी नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई थी।
ABVP ने कुछ घटनाओं में अपनी जिम्मेदारी से इनकार करते हुए वामपंथी संगठनों पर टकराव भड़काने का आरोप लगाया था। वहीं, अमर्त्य सेन ने पूरे मामले में शिक्षा परिसरों को राजनीतिक हिंसा से सुरक्षित रखने और सांप्रदायिक विचारधारा के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की है।