

तनीशा, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता की पहचान उसकी ऐतिहासिक इमारतों, कला और सांस्कृतिक विरासत में बसती है। अब इसी पहचान को हॉस्पिटैलिटी के अनुभव में पिरोने की कोशिश की गई है। इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) और अंबुजा नेवटिया समूह ने 31 अक्टूबर को कोलकाता और सिलीगुड़ी में 'ऑल्टेयर हाउस – आईएचसीएल सिलेक्शन्स' की शुरुआत की। इस साझेदारी के साथ अंबुजा नेवटिया समूह ने पश्चिम बंगाल के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में ₹2,700 करोड़ के निवेश की घोषणा भी की है। इसके तहत कोलकाता, रायचक, दीघा, सिलीगुड़ी, लाटागुड़ी, कलिम्पोंग और दार्जिलिंग में विभिन्न होटल प्रोजेक्ट विकसित किए जाएंगे।
न्यू टाउन के इकोस्पेस बिजनेस पार्क में स्थित कोलकाता के इस बुटीक होटल में कदम रखते ही इसकी थीम आधारित सजावट ध्यान खींचती है। यहां शांतिनिकेतन और सुंदरबन से प्रेरित कमरे हैं, तो कांथा स्टिच से बने चित्र बंगाल की पारंपरिक कला को सामने लाते हैं। वहीं, हावड़ा ब्रिज, प्रिंसेप घाट, कोलकाता रेसकोर्स और एस्प्लेनेड जैसे शहर के जाने-पहचाने स्थलों को कलाकृतियों के जरिए कमरों में जगह दी गई है। गहरे रंगों के शेड्स से सजा रस्टिक इंटीरियर होटल को एक अलग पहचान देता है। कोलकाता में 42 कमरे और सुइट्स हैं, जबकि सिलीगुड़ी के उत्तरायण टाउनशिप स्थित होटल में 60 कमरे और सुइट्स बनाए गए हैं।
आईएचसीएल के सीईओ पुनीत छतवाल ने कहा कि पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर न केवल प्रत्यक्ष रोजगार देता है, बल्कि इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार के कई अवसर पैदा होते हैं। उनके अनुसार, इस क्षेत्र में हर एक नौकरी से अन्य क्षेत्रों में आठ से दस अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनते हैं। वहीं, अंबुजा नियोतिया समूह के हर्षवर्धन नियोतिया ने कहा कि बंगाल में पर्यटन की काफी संभावनाएं हैं। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में होटल प्रोजेक्ट शुरू करने के पीछे उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और नए पर्यटन स्थलों को विकसित करना है।