कोलकाता में इस बार और बिगड़ सकती है हवा

सर्दियों से पहले ही प्रदूषण की सीमा पार
Kolkata
और बिगड़ सकती है हवा
Published on: 

कोलकाता : सर्दियों की शुरुआत से पहले ही कोलकाता में वायु प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ गई है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के विश्लेषण के अनुसार, शहर में 16 अक्टूबर तक पीएम10 का औसत स्तर राष्ट्रीय वार्षिक मानक से काफी अधिक दर्ज किया गया।

इससे आगामी सर्दियों में प्रदूषण की स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है। CREA के शोधकर्ताओं ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के निरंतर वायु गुणवत्ता निगरानी आंकड़ों के आधार पर यह आकलन किया है।

राष्ट्रीय मानक से 27 फीसदी अधिक पीएम10

विश्लेषण के मुताबिक, 1 जनवरी से 16 अक्टूबर 2026 के बीच कोलकाता में पीएम10 की औसत सांद्रता 76 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही। वर्ष 2025 की इसी अवधि में यह स्तर 72 माइक्रोग्राम था।

इस तरह प्रदूषण में करीब छह फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। भारत में पीएम10 का वार्षिक मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर निर्धारित है। मौजूदा औसत इस सीमा से लगभग 27 फीसदी अधिक है।

CREA के विश्लेषण में सामने आई चिंताजनक तस्वीर

CREA के प्रमुख शोधकर्ता मनोज कुमार ने CPCB के आंकड़ों के आधार पर प्रदूषण के संचयी प्रभाव का आकलन किया। इसमें वर्ष की शुरुआत से दर्ज पीएम10 स्तरों के आधार पर यह देखा गया कि किसी शहर का औसत राष्ट्रीय वार्षिक सीमा तक कब पहुंच जाता है।

इस आकलन के अनुसार, दिल्ली ने 2026 के शुरुआती चार महीनों में ही यह स्तर पार कर लिया था, जबकि बेंगलुरु सितंबर के अंत और कोलकाता अक्टूबर के मध्य में इस स्थिति में पहुंचे। चेन्नई और मुंबई भी निर्धारित सीमा के करीब थे।

नवंबर से फरवरी तक बढ़ सकता है खतरा

विशेषज्ञों के मुताबिक, कोलकाता में आमतौर पर नवंबर से फरवरी के बीच वायु प्रदूषण अधिक गंभीर हो जाता है। इस दौरान तापमान में गिरावट, हवा की धीमी गति और वातावरण में प्रदूषकों के कम फैलने के कारण हानिकारक कण जमीन के करीब जमा होने लगते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पीएम10 के लिए वार्षिक दिशानिर्देश 15 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तय किया है। इस तुलना में कोलकाता का मौजूदा औसत पांच गुना से भी अधिक है। ऐसे में विशेषज्ञों के निष्कर्ष शहर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत को रेखांकित करते हैं।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in