विद्यासागर विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय पुस्तकालय के बीच समझौता

छात्रों को प्रशिक्षण व शोध में मिलेगा लाभ
Kolkata
फाइल फोटो
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कोलकाता : पश्चिम मेदिनीपुर स्थित विद्यासागर विश्वविद्यालय और कोलकाता के राष्ट्रीय पुस्तकालय ने शुक्रवार को शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के साथ स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर शोध को मजबूत करना है।

विद्यासागर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार जयंत किशोर नंदी और नेशनल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया के लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन ऑफिसर पार्थ सारथी दास ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

विश्वविद्यालय के कुलपति दीपक कुमार कर ने इसे अकादमिक और शोध क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके अनुसार, इस साझेदारी से विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए नए अवसर तैयार होंगे।

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने कहा कि समझौते के तहत छात्रों को राष्ट्रीय पुस्तकालय में उपलब्ध विशेष संसाधनों और प्रशिक्षण सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इससे उन्हें अपने विषय से जुड़े व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर भी मिलेगा।

राष्ट्रीय पुस्तकालय के प्रतिनिधियों ने बताया कि पुस्तकालय के विशाल संग्रह और विशेष सामग्री के माध्यम से छात्रों को नई जानकारियां हासिल करने का अवसर मिलेगा।

वहीं, विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के प्रमुख सौमेन मल्लिक ने कहा कि दोनों संस्थानों के सहयोग से विद्यार्थियों के लिए सेमिनार, प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित की जा सकेंगी।

समझौते से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को विशेषज्ञ ज्ञान व संसाधनों तक बेहतर पहुंच मिलने के साथ अकादमिक गतिविधियों और पेशेवर प्रशिक्षण के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।

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