SIR के बाद अब शिक्षकों को जनगणना की भी जिम्मेदारी

बंगाल के शिक्षकों पर दोहरी जिम्मेदारी
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कोलकाता : SIR प्रक्रिया के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के रूप में काम कर रहे शिक्षकों पर अब एक और बड़ी जिम्मेदारी आने वाली है। पश्चिम बंगाल में 2027 की जनगणना के लिए इन्हीं शिक्षकों को गणनाकर्मी के रूप में भी नियुक्त किया जाएगा।

इस संबंध में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के जिला विद्यालय निरीक्षकों को सूचित किया गया है कि जिन शिक्षकों ने बीएलओ के रूप में काम किया है, उन्हें जनगणना कार्य के लिए चिह्नित किया जाए।

सूत्रों के अनुसार, जनगणना को एक महत्वपूर्ण कानूनी और राष्ट्रीय कार्यक्रम बताते हुए कहा गया है कि चयनित शिक्षकों को समय-समय पर प्रशिक्षण, फील्ड ड्यूटी, डाटा संग्रह, निगरानी और अन्य जनगणना संबंधी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। इसके लिए जरूरत पड़ने पर उन्हें नियमित शैक्षणिक कार्य से भी अस्थायी रूप से मुक्त किया जा सकता है।

जानकारी के मुताबिक, राज्य में 1 अगस्त से जनगणना की प्रक्रिया शुरू होगी। 15 अगस्त तक सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा रहेगी। इसके बाद फील्ड स्तर पर गणना और सत्यापन का काम चलेगा, जो फरवरी 2027 तक जारी रहने की संभावना है।

नवान्न की ओर से इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जिलाधिकारियों तक भेजे जा चुके हैं और जिलों में तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। साथ ही स्कूल प्रमुखों को निर्देश देने की तैयारी है कि वे संबंधित शिक्षकों को जनगणना कार्य के लिए पूरा सहयोग दें।

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