

कोलकाता : जादवपुर विश्वविद्यालय (JU) में हुई घटना के एक दिन बाद शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अपना विरोध प्रदर्शन प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय और कलकत्ता विश्वविद्यालय तक पहुंचा दिया। कॉलेज स्ट्रीट इलाके में प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षों की नारेबाजी से तनाव की स्थिति बन गई।
शुक्रवार शाम करीब 4 बजे ABVP कार्यकर्ताओं ने प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय के बंद मुख्य गेट के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों के हाथ में श्री अरविंद की तस्वीर थी और वे नारे लगा रहे थे। इसके जवाब में परिसर के अंदर मौजूद एसएफआई समर्थकों ने भी नारेबाजी की।
ABVP प्रवक्ता अनंत बरुई ने आरोप लगाया कि इन शिक्षण संस्थानों में एसएफआई समर्थकों द्वारा कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ऐसी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि कॉलेज स्ट्रीट का प्रदर्शन जादवपुर विश्वविद्यालय की घटना के विरोध में किया गया, जहां उनके सदस्यों पर हमला हुआ था।
वहीं, प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय के छात्रों ने ABVP के प्रदर्शन को छात्रों को उकसाने की कोशिश बताया। छात्रों का आरोप था कि बाहरी राजनीतिक ताकतों के जरिए परिसर में टकराव पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रेसिडेंसी के एक शिक्षक ने कहा कि विश्वविद्यालय की पहचान उसकी विविधता और बौद्धिक माहौल से है। शिक्षण संस्थानों में बाहरी राजनीतिक ताकतों द्वारा हिंसा या दबाव का इस्तेमाल चिंता का विषय है। एक अन्य शिक्षक ने भी सरकार से ऐसे बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की।
प्रेसिडेंसी में प्रदर्शन के बाद ABVP समर्थकों ने कलकत्ता विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के पास भी प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। संगठन ने चेतावनी दी कि शिक्षण संस्थानों में कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के खिलाफ उसका अभियान जारी रहेगा।