मधुर भंडारकर बड़े पर्दे पर लाएंगे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जिंदगी की कहानी

‘श्यामा: द मिसिंग चैप्टर’ के जरिए देश के इतिहास के एक अहम अध्याय को पर्दे पर उतारेंगे राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्मकार
मधुर भंडारकर बड़े पर्दे पर लाएंगे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जिंदगी की कहानी
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता और पद्मश्री से सम्मानित फिल्मकार मधुर भंडारकर अपनी आगामी फिल्म ‘द वाइव्स ऑफ बॉलीवुड’ को पूरा करने के बाद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर आधारित अपनी अगली फिल्म लेकर आने की तैयारी में हैं। फिल्म का वर्किंग टाइटल ‘श्यामा: द मिसिंग चैप्टर’ रखा गया है। इसके निर्माता आदित्य कुमार हलवासिया हैं, जबकि भंडारकर एंटरटेनमेंट और एकेएच वेंचर्स संयुक्त रूप से इसका निर्माण कर रहे हैं।

फिल्म के माध्यम से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, विचारों और राजनीतिक विरासत को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा। विद्वान, राजनेता और राष्ट्रीय एकता के प्रबल समर्थक के रूप में उनकी पहचान रही है। भारतीय इतिहास के एक महत्वपूर्ण दौर में उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक विचारधारा और दृढ़ संकल्प के साथ अहम भूमिका निभाई थी।

फिल्म में कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बनने से लेकर जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में स्वतंत्र भारत की पहली कैबिनेट में शामिल होने तक के उनके सफर को दिखाया जाएगा। इसके साथ ही सरकार के साथ उनके वैचारिक मतभेदों, कैबिनेट से इस्तीफा देने के फैसले और वर्ष 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना से जुड़े घटनाक्रमों को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।

फिल्म में वर्ष 1953 में जम्मू-कश्मीर में लागू परमिट व्यवस्था के विरोध में उनके अभियान और हिरासत के दौरान हुई उनकी मृत्यु से जुड़ी परिस्थितियों को भी खंगाला जाएगा।

ऐतिहासिक घटनाओं और राजनीतिक थ्रिलर के रोमांच को एक साथ पिरोते हुए यह फिल्म ऐसे व्यक्तित्व की कहानी कहने का प्रयास करेगी, जिसने अपने सिद्धांतों के लिए सत्ता से अलग होने का फैसला किया। फिल्म का उद्देश्य देश के इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय को नए सिरे से सामने लाना और नई पीढ़ी को डॉ. मुखर्जी के जीवन एवं विचारों से परिचित कराना है।

फिल्म के निर्माता आदित्य कुमार हलवासिया ने कहा, “डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन इस बात की याद दिलाता है कि सच्चे नेतृत्व की पहचान साहस, दृढ़ विश्वास और राष्ट्र के प्रति सेवा भाव से होती है। ‘श्यामा’ के जरिए हम उनकी उल्लेखनीय यात्रा को पर्दे पर लाना चाहते हैं, ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास को जाने, अपनी विरासत को अपनाए और उन मूल्यों को समझे, जो देश के भविष्य को आकार देते हैं।”

वहीं, निर्देशक मधुर भंडारकर ने कहा, “एक फिल्मकार के रूप में पहली बार डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन को समझना और उसे पर्दे पर उतारना मेरे लिए चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदारी भरा कार्य है। ‘श्यामा’ के जरिए मैं ईमानदारी, संवेदनशीलता और एक नए दृष्टिकोण के साथ भारतीय इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय को दर्शकों के सामने लाने की उम्मीद करता हूं।”

फिल्म की शूटिंग अगले वर्ष शुरू होगी। फिलहाल फिल्म से जुड़ी अन्य जानकारियों को गोपनीय रखा गया है।

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