

कोलकाता : कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एसआरएफटीआई) ने कुलपति संतोष अजमेरा के साथ कथित मारपीट और उनके कार्यालय में तोड़फोड़ के मामले में छह छात्रों को स्थाई रूप से बाहर निकाल दिया है।
जानकारी के अनुसार, एक छात्र पर कुलपति के साथ शारीरिक दुर्व्यवहार करने का आरोप है, जबकि पांच अन्य छात्रों पर कुलपति के कार्यालय में तोड़फोड़ करने के आरोप में कार्रवाई की गई है। यह घटनाक्रम संस्थान परिसर में जारी छात्र आंदोलन के बीच सामने आया है।
कुलपति के साथ कथित मारपीट, कार्यालय में तोड़फोड़ का आरोप
संस्थान के प्रशासन के अनुसार, कुलपति के कार्यालय में बुधवार रात और गुरुवार सुबह तोड़फोड़ की गई। आरोप है कि कार्यालय पर पत्थर फेंके गए, जिससे खिड़कियों के शीशे टूट गए।
कार्यालय में फर्नीचर को नुकसान पहुंचने के साथ पानी और एयर कंडीशनिंग की पाइपलाइन काटे जाने की भी बात सामने आई। गुरुवार सुबह कार्यालय में टूटे शीशे, पत्थर और क्षतिग्रस्त फर्नीचर पाए जाने की जानकारी दी गई।
प्रशासन की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि घटना के बाद कुछ छात्रों ने कुलपति संतोष अजमेरा को घेरकर नारेबाजी की और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इसी घटनाक्रम के दौरान एक छात्र द्वारा कुलपति के साथ कथित मारपीट किए जाने का आरोप है।
छह छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई
एसआरएफटीआई प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छह छात्रों को संस्थान से रस्टिकेट करने का निर्णय लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, एक छात्र पर कुलपति के साथ शारीरिक दुर्व्यवहार करने और अन्य पांच छात्रों पर उनके कार्यालय में तोड़फोड़ से जुड़े आरोप हैं।
संस्थान ने इस कार्रवाई को परिसर में अनुशासन बनाए रखने और शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारु रखने के प्रयास के तौर पर लिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब संस्थान में सुरक्षा और प्रशासनिक फैसलों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। मामले में प्रशासन और छात्र संघ के आरोपों में अंतर होने के कारण घटनाक्रम को लेकर विवाद बना हुआ है।
छात्र संघ ने आरोपों को नकारा, आंदोलन जारी
छात्र संघ ने संस्थान प्रशासन के आरोपों को खारिज किया है। संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई अनुचित है और वे इस मामले में कानूनी कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं। छात्र संघ ने परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया को लेकर भी आपत्ति जताई है।
छात्रों का दावा है कि कैमरे लगाने से पहले संघ को सूचना देने और स्थानों के चयन में उसे शामिल करने को लेकर पूर्व में सहमति बनी थी। संघ ने प्रशासन पर उस सहमति का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है।
वहीं, संस्थान प्रशासन ने कुलपति के कार्यालय में तोड़फोड़ और उनके साथ कथित दुर्व्यवहार को गंभीर मामला बताते हुए कार्रवाई की है। फिलहाल, दोनों पक्षों के दावों के बीच एसआरएफटीआई परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई है।