महज 10 हजार रुपये के लिए बेच दी थी मासूम की आबरू!

बारूईपुर कांड के मुख्य आरोपी ने एनकाउंटर से पहले उगला था सच
मंगलवार की देर रात इसी जगह पर हुआ था एनकाउंटर
मंगलवार की देर रात इसी जगह पर हुआ था एनकाउंटर
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कोलकाता : महज 10 हजार रुपये के लिए प्रभास मंडल ने एक 12 साल की लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथी आरोपी को बेच दिया। इसी कबूलनामे से बारुईपुर दुष्कर्म व हत्याकांड का खुलासा हुआ। हालांकि मंगलवार की देर रात सूर्यपुर में क्राइम सीन के रिकंस्ट्रक्शन के दौरान पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश में उसे गोली मार दी गई। पुलिस ने बताया कि मंडल ने माना कि साथी आरोपी ने उसे बच्ची को उनके पास लाने के लिए रुपये दिए थे। इसके बाद पीड़िता की लाश मिली और बाकी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मंडल ही वह आखिरी व्यक्ति था जिसने पीड़िता को जिंदा देखा था। एक अधिकारी ने कहा, "इस दावे की जांच की जा रही है।"

आखिरी बार प्रभास के साथ देखी गयी थी बच्ची

पुलिस ने बताया कि लड़की शनिवार की शाम करीब 4 बजे घर से निकली थी। उसने परिवार को बताया था कि वह एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में जा रही है, लेकिन कभी नहीं लौटी। बाद में स्थानीय लोगों ने सीसीटीवी फुटेज देखी, जिसमें वह नीली टी-शर्ट और लाल टोपी पहने एक आदमी के साथ जाती हुई दिखी। उन्होंने उसकी पहचान मंडल के तौर पर की, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

जांच अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश

पूछताछ के दौरान मंडल ने पहले गलत जानकारी देकर जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश की। हालांकि, लगातार पूछताछ और दूसरे आरोपियों से मिले सबूतों से अपराध में उसकी भूमिका का पता चला। उसके खुलासे के बाद पुलिस एक तालाब तक पहुंची, जहां बोरी में बंद पीड़िता की लाश मिली थी। लाश मिलने से स्थानीय लोगों में गुस्सा फैल गया और पुलिस के दखल देने से पहले उन्होंने मंडल के साथ मारपीट की। पुलिस ने बताया कि मंडल के बयानों के आधार पर आनंद सरदार और दिवाकर सरदार को भी गिरफ्तार किया गया, जबकि कबीर मोल्ला को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया क्योंकि जांच के दौरान उसका नाम सामने आया था।

शराब और ड्रग्स की तस्करी से जुड़ा था प्रभास

जांचकर्ताओं ने मंडल को आदतन अपराधी बताया, जिसका शराब और ड्रग्स की तस्करी का इतिहास रहा है। स्थानीय पुलिस ने कहा कि उसे पहले भी आपराधिक गतिविधियों के लिए चेतावनी दी गई थी, लेकिन वह गैर-कानूनी धंधों में शामिल लोगों के साथ जुड़ा रहा। लोगों का यह भी कहना था कि वह अक्सर अपनी राजनीतिक निष्ठा बदलता रहता था। रविवार के एक वायरल वीडियो में उसे स्थानीय बीजेपी मंडल अध्यक्ष के साथ देखा गया था, जबकि स्थानीय लोग लापता लड़की की तलाश कर रहे थे, हालांकि पुलिस ने इस राजनीतिक फुटेज का अपराध से कोई संबंध नहीं जोड़ा है। सूर्यपुर के रहने वाला मंडल अपने माता-पिता, पत्नी और छोटे बेटे के साथ रहता था। उसके पिता बीमार हैं, माँ घर संभालती हैं और पत्नी घरों में काम करती है। उसकी मां ने बताया कि मंडल के पास कोई पक्की नौकरी नहीं थी और वह गुजारा करने के लिए कभी-कभी वैन चलाता था। मंडल की मौत के बावजूद, एसआईटी का कहना है कि बाकी आरोपियों के खिलाफ मामला मजबूत बना हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने उनसे पूछताछ पूरी कर ली है, फॉरेंसिक सबूत जुटा लिए हैं, सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं और अहम चीजें फॉरेंसिक साइंस लैब भेज दी हैं। एक सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘उसे सीधे तौर पर अपराध से जोड़ने के लिए काफी सबूत हैं और बाकी आरोपियों के खिलाफ जांच जारी रहेगी।’

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