

कोलकाता: टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को पुरुलिया में आयोजित ‘रण संकल्प सभा’ से जनता से सीधी अपील की कि अगर पार्टी का कोई स्थानीय पदाधिकारी उनके साथ दुर्व्यवहार करे, तो 'एक कॉल में अभिषेक' में इसकी जानकारी दें, लेकिन इसके कारण तृणमूल से मुंह न मोड़ें। अभिषेक ने कहा, 'अगर तृणमूल का कोई पदाधिकारी गलत व्यवहार करता है तो सीधे मुझे फोन कर बताएं, लेकिन उसके लिए पार्टी को न छोड़ें। आने वाले विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी का हाथ मजबूत करें।' उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ी तो अगले महीने में फिर पुरुलिया आएंगे।
इतिहास का दिया हवाला
अभिषेक ने चुनावी इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2016 में पुरुलिया की 9 में से 7 विधानसभा सीटों पर तृणमूल जीती थी, जबकि 2021 में पार्टी केवल तीन सीटें—बंदवान, मानबाजार और बाघमुंडी ही जीत सकी। 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में पुरुलिया सीट भाजपा के खाते में गई। उन्होंने ऐलान किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में लक्ष्य जिले की सभी 9 सीटें जीतना है।
रेल मंत्री से मिलेगा प्रतिनिधिमण्डल
विकास का भरोसा देते हुए अभिषेक ने कहा कि जनता के प्यार का कर्ज विकास के जरिए चुकाया जाएगा। उन्होंने वादा किया कि चुनाव परिणाम घोषित होने के तीन महीने के भीतर पुरुलिया से 20 लोगों का प्रतिनिधिमंडल रेल मंत्री से मिलकर रेल सेवाओं की समस्याओं को उठाएगा। उन्होंने ट्रेनों की लगातार देरी और हावड़ा जाने वाली ट्रेनों के सांतागाछी में रोक दिए जाने पर सवाल उठाते हुए भाजपा के छह विधायकों और सांसद की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। अभिषेक ने भाजपा पर 'जर्सी बदलने की राजनीति' का आरोप लगाते हुए विश्वास जताया कि सीटों की संख्या बढ़ाकर तृणमूल पुरुलिया में फिर मजबूती से लौटेगी।
विकास का जिम्मा अपने कंधों पर
उन्होंने जिले के विकास का जिम्मा खुद लेने की घोषणा करते हुए आईटीआई, पॉलिटेक्निक कॉलेज, कोल्ड स्टोरेज और रेल सेवाओं में सुधार का वादा किया। साथ ही आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पुरुलिया के 680 करोड़ रुपये रोक रखे हैं। सभा में उन्होंने भाजपा को 'जुमला पार्टी' बताते हुए कहा कि तृणमूल के पास संगठन से ज्यादा जनता का समर्थन है और पुरुलिया जल्द 'हरे रंग' यानी तृणमूल के रंग में रंग जाएगा।