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कोलकाता सिटी
आधुनिक कृषि यंत्रों पर 50% तक सब्सिडी, मशीनरी बैंक के लिए 24 लाख रुपये तक मदद
राज्य सरकार ने किसानों के लिए की घोषणा
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता :
खेती को आधुनिक, तकनीक आधारित और अधिक लाभदायक बनाने के लिए राज्य सरकार ने किसानों के लिए कई वित्तीय सहायता योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं के तहत आधुनिक कृषि उपकरणों की खरीद के साथ-साथ कृषि मशीनरी रेंटल सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक स्थापित करने के लिए भी भारी सब्सिडी दी जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार, राज्यभर में 500 कृषि मशीनरी रेंटल सेंटर और 1,085 फार्म मशीनरी बैंक (हब) स्थापित किए गए हैं। इन योजनाओं के माध्यम से करीब 67,585 किसानों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना में 100 आधुनिक किसान ड्रोन उपलब्ध कराने का प्रावधान भी शामिल है।
बड़े कृषि उपकरणों पर 50% तक सब्सिडी
सरकार की वित्तीय सहायता योजना के तहत किसान स्वीकृत सूची में शामिल विभिन्न आधुनिक कृषि मशीनों की खरीद कर सकते हैं। इनमें पावर टिलर, पावर वीडर, पावर रीपर, इलेक्ट्रिक/पेट्रोल/डीजल/सोलर पंपसेट, ट्रैक्टर चालित मल्टीक्रॉप थ्रेशर, रोटावेटर और इंजन चालित पावर स्प्रेयर प्रमुख हैं। इसके अलावा मिनी राइस मिल, दाल मिल, ऑयल मिल, मिलेट मिल और मुड़ी बनाने की मशीन जैसी प्रसंस्करण इकाइयों को भी योजना में शामिल किया गया है। अधिकांश अनुमोदित कृषि उपकरणों पर सरकार 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है, जबकि सोलर पंपसेट पर यह सहायता 60 प्रतिशत तक है। इस योजना के तहत अधिकतम 3 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है।
छोटे कृषि उपकरणों पर भी आर्थिक सहायता
छोटे कृषि उपकरणों की खरीद के लिए अलग एकमुश्त वित्तीय सहायता योजना लागू की गई है। इसके तहत किसान एक से अधिक उपकरण खरीद सकते हैं। योजना में हाथ या पैर से चलने वाले स्प्रेयर, पैडल धान थ्रेशर और हाथ से चलने वाली पुआल काटने की मशीन जैसे उपकरण शामिल हैं। इन पर कुल 50 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। किसान एक ही प्रकार के अधिकतम दो उपकरण भी खरीद सकते हैं।
कृषि मशीनरी बैंक के लिए 24 लाख रुपये तक की सब्सिडी
किसानों और किसान समूहों को सामूहिक रूप से आधुनिक कृषि मशीनरी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फार्म मशीनरी बैंक (मशीनरी हब) स्थापित करने की योजना भी शुरू की गई है। इस योजना के तहत 30 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी यानी पात्र आवेदक को अधिकतम 24 लाख रुपये तक की सरकारी सहायता मिल सकती है। परियोजना की लागत 30 लाख रुपये से अधिक होने पर भी सब्सिडी की अधिकतम सीमा 24 लाख रुपये ही रहेगी।

