

कोलकाता : दुर्गा पूजा की छुट्टियों में उत्तर बंगाल घूमने की योजना बना रहे लोगों की जेब पर इस बार अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। ट्रेनों में सीटें उपलब्ध नहीं होने और हवाई किराये में भारी बढ़ोतरी के बीच बसों का सफर भी महंगा हो गया है। जानकारी के अनुसार कोलकाता से बागडोगरा जाने वाली उड़ानों का किराया बढ़कर 7,200 से 8,500 रुपये तक पहुंच गया है,
जबकि सिलीगुड़ी के लिए बस टिकट की कीमत 4,000 से 4,500 रुपये तक हो गई है। सामान्य दिनों में इन बस टिकटों का किराया लगभग 1,600 से 2,000 रुपये रहता है। ऐसे में यात्रियों के सामने कम समय में महंगे सफर और छुट्टियों की योजना बदलने के अलावा सीमित विकल्प बचे हैं।
हवाई किराये में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी
पूजा की छुट्टियों में उत्तर बंगाल के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों की ओर यात्रियों की बढ़ती मांग का असर हवाई किराये पर भी पड़ा है। सूत्रों की माने तो, बागडोगरा जाने वाली उड़ानों का किराया 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया है। वहीं, ट्रेन में कन्फर्म टिकट नहीं मिलने के कारण कई यात्रियों को हवाई यात्रा या बस का विकल्प चुनना पड़ रहा है।
सिलीगुड़ी के बस टिकट भी आम लोगों की पहुंच से दूर
हवाई यात्रा के मुकाबले सस्ता विकल्प मानी जाने वाली बसों का किराया भी त्योहार के दौरान काफी बढ़ गया है। सिलीगुड़ी के लिए सामान्य दिनों में 1,600 से 2,000 रुपये में मिलने वाला टिकट अब 4,000 से 4,500 रुपये तक पहुंच गया है। इससे बस और विमान के किराये के बीच का अंतर काफी कम हो गया है।
पहले से बुकिंग नहीं करने वाले यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
उत्तर बंगाल जाने के लिए ट्रेन को अधिक किफायती और सुविधाजनक विकल्प माना जाता है, लेकिन पूजा के दौरान टिकटों की भारी मांग के कारण कन्फर्म सीट मिलना मुश्किल हो गया है। दूसरी ओर, हवाई और बस किराये में वृद्धि ने यात्रियों का बजट प्रभावित किया है।
इस महंगाई का असर केवल उत्तर बंगाल घूमने जाने वाले लोगों पर ही नहीं, बल्कि मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर जैसे शहरों में रहने वाले उन लोगों पर भी पड़ रहा है, जो दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता लौटना चाहते हैं।
ट्रैवल एजेंटों के मुताबिक, स्कूलों की छुट्टियों और नौकरी के तय समय सीमा के कारण कई परिवार अपनी यात्रा की तारीख बदल नहीं पाते। ऐसे में कुछ लोगों को यात्रा की अवधि घटाने, घूमने के खर्च में कटौती करने या पूरी योजना रद्द करने पर विचार करना पड़ रहा है।