सियालदह स्टेशन पर विभाजन पीड़ितों की याद में बनेगी स्मारक प्रतिमा

1947 के विस्थापन और त्रासदी की स्मृतियों को सहेजने की पहल, नवंबर तक पूरा हो सकता है प्रोजेक्ट
Kolkata
विभाजन पीड़ितों की याद में बनेगी स्मारक प्रतिमा
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कोलकाता : देश के विभाजन (1947) के दौरान विस्थापित हुए लाखों लोगों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने कोलकाता के ऐतिहासिक सियालदह रेलवे स्टेशन परिसर में एक स्मारक प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया है।

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की इस पहल के तहत भारतीय रेलवे ने स्टेशन परिसर में प्रतिमा लगाने के लिए स्थान उपलब्ध करा दिया है। यह घोषणा केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित 'हर घर तिरंगा' अभियान के एक कार्यक्रम के दौरान की।

सियालदह रेलवे स्टेशन को विभाजन के इतिहास का एक महत्वपूर्ण साक्षी माना जाता है। वर्ष 1947 में भारत के विभाजन के बाद तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से पश्चिम बंगाल आने वाले लाखों शरणार्थियों के लिए यह स्टेशन पहला प्रमुख पड़ाव बना था।

हजारों परिवार अपने घर-बार छोड़कर इसी स्टेशन के जरिए कोलकाता पहुंचे थे। ऐसे में केंद्र सरकार का मानना है कि यह स्मारक उन लोगों के संघर्ष, पीड़ा, विस्थापन और बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।

शरणार्थियों के संघर्ष की कहानी बताएगा स्मारक

केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सीलदह स्टेशन केवल एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि विभाजन की मानवीय त्रासदी का ऐतिहासिक प्रतीक है।

यहां स्थापित की जाने वाली प्रतिमा उन लाखों लोगों को श्रद्धांजलि होगी, जिन्हें विभाजन के दौरान हिंसा, विस्थापन और अपनों से बिछड़ने का दर्द झेलना पड़ा। सरकार का उद्देश्य इतिहास के इस अध्याय को संरक्षित रखना और नई पीढ़ी को उस दौर की वास्तविकताओं से अवगत कराना है।

'हर घर तिरंगा' अभियान से भी जोड़ी गई पहल

यह परियोजना स्वतंत्रता के 80 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किए जा रहे राष्ट्रीय कार्यक्रमों का भी हिस्सा मानी जा रही है।

केंद्र सरकार विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए विभिन्न स्मारक और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, सीलदह स्टेशन पर प्रस्तावित स्मारक का निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इसे नवंबर तक पूरा किए जाने की संभावना है।

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