सॉल्ट लेक लोक संस्कृति द्वारा आयोजित आपणों गाँव मेले में उमड़ा जन सैलाब

सॉल्ट लेक लोक संस्कृति द्वारा आयोजित आपणों गाँव मेले में उमड़ा जन सैलाब
Published on

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : आपणों गाँव मेले का आज छठा दिन है और मेले में बह रही मीठी बयार में छुट्टियों वाली मस्ती की खुशबू मिलने लगी है। इस साल के अंतिम तीन दिन बचे हैं एवं लोगों ने मानो छुट्टियों का मन बना लिया है और वे उत्सव मनाने के मूड में आ गए हैं। चारों तरफ रौनक है और लोग अपनी रोज़मर्रा की परेशानियों को भूलकर अपने परिवार,रिश्तेदारों और मित्रों के साथ 'आपणों गाँव' मेले का पुरज़ोर आनंद ले रहे हैं।

मंच पर आज के विशिष्ठ अतिथियों का पारंपरिक रीति रिवाज़ों के अनुसार साफा एवं दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया गया।अध्यक्ष संदीप गर्ग,पवन भुवानिया,मयंक राठी,केशव अग्रवाल, अमित मूंदड़ा,राजेश सिंघानिया,विनोद बाहेती,राजेश राठी एवं अन्य सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया। श्याम स्टील के ललित बेरीवाल, डीजी के संजय अग्रवाल,माला साड़ी के विनोद केडिया, यूको बैंक के एडी राजेंद्र साबू, विवेक अडूकिया,सॉल्ट लेक सांस्कृतिक संसद के अध्यक्ष संजय अग्रवाल,सचिव अमित पोद्दार, तिनकोड़ी दत्ता,निधि पोद्दार,अमित केडिया,अशोक गुप्ता, शिवम गुप्ता,मानस रावत एवं समाज के अन्य कई गणमान्य अतिथि मेला में पधारे और इतने विशाल आयोजन को इतने व्यवस्थित रूप से करने के लिए सभी ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। अपनी तमाम व्यस्तताओं के बावजूद कई प्रशासनिक अधिकारीगण समय निकालकर प्रति दिन मेले में आते हैं एवं संस्था उनको सम्मानित कर स्वयं को गौरांवित महसूस करती है। राजगढ़ शार्दुलपुर नागरिक परिषद ने अपने डेढ़ सौ सदस्यों के साथ मेले का आनंद लिया और मेला में पूरी व्यवस्था देख कर बहुत प्रसन्न हुए।

संस्था के कोषाध्यक्ष राजकुमार मूंधड़ा ने बताया कि पिछले तेईस वर्षों से ही प्रत्येक वर्ष समाज के चुनिंदा प्रतिष्ठित शख्सियतों की इस मेले में राजस्थानी साफा एवं दुपट्टा से अभिनंदन करने की परिपाटी चली आ रही है और संस्था द्वारा उसी समृद्ध संस्कृति का अक्षरशः पालन आज भी किया जा रहा है।

मेले के पहले संस्करण से ही मेला में आने वाले सभी मेहमानों का मिट्टी के गिलास में गरम गरम राबड़ी के साथ स्वागत किया जाता रहा है। संस्था के संस्थापक मदन गोपाल राठी ने बताया कि यह पेय केवल स्वास्थ्यवर्धक ही नहीं है अपितु स्वादिष्ट भी है जो कि प्रत्येक घूँट में मरुभूमि की याद दिलाती है। राबड़ी के स्टॉल के सामने भीड़ देखकर ही इसकी लोकप्रियता का अंदाज़ लगाया जा सकता है।

संस्था के महिला समिति की सदस्या मंजू बिहानी ने जानकारी दी कि कठपुतली का नाच राजस्थान एवं हरियाणा मरूभूमि की एक पहचान बन चुकी है। दक्ष एवं सधे हुए हाथों से प्रदर्शित किया जाने वाला यह रोचक कार्यक्रम भी दर्शकों को बहुत पसंद आ रहा है।

मेला में आए मेहमानों के मनोरंजन के लिए मरुभूमि मूल की कोलकाता में अति लोकप्रिय गायिका श्वेता कौशिक ने अपनी मधुर आवाज़ में कर्णप्रिय हिंदी एवं राजस्थानी गीतों की झड़ी लगा दी। श्रोताओं की ओर से देर रात तक फरमाइशें आती रहीं और कलाकारा ने बड़ी प्रसन्नता से सारे फ़रमाइशी गीत सुनाये जिनमें भक्ति के कुछ गीत भी शामिल हैं। युवा समिति के सदस्य प्रियंकेश झंवर ने बताया कि गायिका श्वेता कौशिक को उनकी लोकप्रियता की वजह से इस वर्ष पुनः कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए संस्था द्वारा आमंत्रित किया गया।

हरियाणा से आये अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक नृत्य के कलाकारों का समूह कई वर्षों से संस्था के इस कार्यक्रम में अपनी कला का प्रदर्शन कर मेले में अपना इंद्रधनुषी रंग बिखेरते रहे हैं। नीरज लड्ढा ने कहा कि इन कलाक़ारों की अपनी कला में निपुणता एवं इनकी ऊर्जा देखते ही बनती है।मेले में आने वाले मेहमान देर रात तक इनकी ताल में ताल मिलाकर अपना मनोरंजन करते रहते हैं।

पिछले तीन वर्षों से संस्था द्वारा एल ई डी स्क्रीन को बड़े रूप में व्यवहार में लाना प्रारम्भ किया है।

संस्था के कार्यकर्ता संदीप डिडवानिया एवं राहुल खन्ना पर इस बाबत समूचे प्रबंधन का दायित्व है जिसे वे बखूबी निभा रहे हैं।

ऊंट,बैलगाड़ी की सवारी और घुड़सवारी के प्रबंधन को संभालने में हाथ बंटा रहे युवा अंश और रुद्रांश डिडवानिया ने बताया कि सभी तरह की उपलब्ध सवारी को लेकर बच्चों में उत्साह एवं उन्माद सा माहौल है। महेंद्र अग्रवाल (करुणामयी) ने बताया कि बच्चे बार बार सवारी करने की जिद करते हैं एवं कतार में प्रतीक्षा करने से भी उन्हें गुरेज़ नहीं है।विशेष कर ऊंट की सवारी करते वक्त बच्चों के अभिभावक फोटो लेकर इन पलों को यादगार बनाए रखना चाहते हैं।

मेला आयोजन के संयोजक सदस्य प्रेम झंवर एवं किशोर शर्मा ने बताया कि चोखी ढाणी में एक ग्रामीण परिवेश में, मिट्टी के बर्तन और केले के पत्तों पर परोसे जा रहे राजस्थानी भोजन का आनंद लेने के लिए लोगों में काफी उत्साह दिख रहा है। संस्था के महिला समिति की अध्यक्षा इंदु झंवर के साथ दर्शना गर्ग,शशि अग्रवाल,वर्षा डागा, विनीता बिहानी, नीरू सिंघानिया, केशव सोमानी, नारायण बिहानी, संजय सुरेका और तरुण बिहानी चोखी ढाणी में प्रबंधन का कार्य बहुत ही दक्षता के साथ करने में जुटे थे।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in