

कोलकाता/नई दिल्ली : कोलकाता की ऐतिहासिक दुर्गापूजा परंपरा और उसकी सांस्कृतिक विरासत को दिल्ली तक पहुंचाने के उद्देश्य से चित्तरंजन पार्क (सीआर पार्क) में विशेष प्रदर्शनी और परिचर्चा का आयोजन किया जा रहा है।
सोमवार से शुरू हुआ यह कार्यक्रम बुधवार तक चलेगा। इसकी पहल सांस्कृतिक विरासत और समावेशी विकास के विशेषज्ञ वास्तुकार एवं शहरी डिजाइनर अंजन मित्रा ने फोटोग्राफर और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर अनिरुद्ध गुहा सरकार के सहयोग से की है।
प्रदर्शनी में तस्वीरों, जानकारीपरक पैनलों और संवाद सत्रों के माध्यम से कोलकाता की दुर्गापूजा के विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि दुर्गापूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शहर के सार्वजनिक जीवन, कला, कल्पनाशीलता और सामुदायिक भागीदारी का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कोलकाता की दुर्गापूजा को यूनेस्को ने मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता दी है। प्रदर्शनी में इस परंपरा से जुड़े पारंपरिक ज्ञान, शिल्पकारों के कौशल और स्थानीय समुदायों की भूमिका को भी रेखांकित किया गया है। परिचर्चाओं के जरिए उत्सव और शहरी संस्कृति के बीच संबंधों पर विचार किया जा रहा है।
अंजन मित्रा के अनुसार, त्योहार समाज की साझा सांस्कृतिक पहचान को अभिव्यक्त करने के साथ पारंपरिक हुनर और ज्ञान को संरक्षित करने का अवसर भी देते हैं।
ऐसे आयोजन समुदायों और डिजाइन विशेषज्ञों के बीच संवाद बढ़ाते हैं तथा असंगठित अर्थव्यवस्था को भी सहारा देते हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि प्रदर्शनी और परिचर्चाएं शहरी डिजाइन तथा सांस्कृतिक संरक्षण के नए दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करेंगी।