नेपाल की तबाही से पर्यटन पर ब्रेक, यात्राएं रद्द और बदलीं

सोशल मीडिया और ट्रैवल ग्रुप में भी बढ़ी चिंता
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नेपाल में भारी बारिश से तबाही
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : नेपाल से लगातार सामने आ रही बाढ़ और तबाही की डरावनी तस्वीरों व खबरों ने बंगाल के पर्यटकों की चिंता बढ़ा दी है। कई यात्रियों ने अपनी नेपाल यात्रा रद्द कर दी है, जबकि कुछ ने अपनी योजनाओं में बदलाव किया है। ट्रैवल एजेंटों को आशंका है कि विनाशकारी फ्लैश फ्लड का असर आने वाले त्योहारी और सर्दियों के पर्यटन सीजन तक भी देखने को मिल सकता है। ट्रैवेल एजेंट्स एसोसियेशन ऑफ इंडिया, ईस्ट के चेयरमेन व एयरकॉम ट्रैवेल्स के डायरेक्टर अंजनी धानुका ने बताया कि नेपाल के प्रमुख पर्यटन केंद्र काठमांडू और पोखरा जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। सड़क मार्गों पर बाढ़ और भूस्खलन के कारण आवाजाही प्रभावित होने से पर्यटक लंबी दूरी की यात्रा करने से बच रहे हैं। दार्जिलिंग के एक दंपति ने सितंबर के तीसरे सप्ताह में केरुंग के रास्ते मानसरोवर जाने के लिए 15 दिनों की यात्रा की योजना बनाई थी। सेवानिवृत्त बैंककर्मी और पूर्व स्कूल प्रधानाध्यापिका इस यात्रा पर करीब 4.40 लाख रुपये खर्च करने वाले थे। पैकेज में तिब्बत प्रवेश के लिए वीजा और परमिट भी शामिल थे। लेकिन केरुंग में फ्लैश फ्लड से हुई तबाही के वीडियो देखने के बाद दंपति ने यात्रा रद्द करने का फैसला किया।

तस्वीरें बहुत भयावह हैं। हम फिलहाल वहां नहीं जाएंगे

रद्द करने वाले यात्रियों ने बताया, “हम इस घटना से बेहद डर गए हैं और यात्रा रद्द करने का फैसला किया है। तस्वीरें बहुत भयावह हैं। हम फिलहाल वहां नहीं जाएंगे।” दंपति की योजना काठमांडू से केरुंग के रास्ते मानसरोवर जाने और वापसी में हेलीकॉप्टर से काठमांडू लौटने की थी। उन्होंने बताया कि यात्रा की पूरी तैयारी हो चुकी थी और नेपाल में रहने वाले रिश्तेदारों के जरिए ट्रैवल एजेंट से भी संपर्क किया गया था। लेकिन बाढ़ और नुकसान के वीडियो देखने के बाद उन्हें लगा कि ऐसी स्थिति में यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है। अब लोगों की तत्काल भविष्य में काठमांडू से आगे नेपाल जाने की संभावना भी कम है। उनका कहना है कि अक्टूबर में वे संभवतः केवल थोड़े समय के लिए मुस्तांग की यात्रा कर सकते हैं। मानसरोवर यात्रा उनके लिए पहली ऐसी यात्रा होती। शुक्रवार को सोनौली सीमा से महज पांच पर्यटक बसों के लुंबिनी पहुंचने की जानकारी सामने आई, जबकि करीब 10 पर्यटक वाहन बुटवल और भैरहवा तक ही गए। इससे पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि प्रमुख राजमार्ग जल्द सामान्य नहीं हुए तो नेपाल के पर्यटन क्षेत्र को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।



कोलकाता के परिवार ने भी रद्द की नेपाल यात्रा

कोलकाता के कैमक स्ट्रीट निवासी ने भी अपनी नेपाल यात्रा रद्द कर दी है। उन्हें अगले सप्ताह अपनी बुजुर्ग मां और बच्चों के साथ छह दिनों के लिए काठमांडू जाना था। यात्रा में पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन भी शामिल थे। अब परिवार ने नेपाल के बजाय दुबई जाने का फैसला किया है। ऑनलाइन ट्रैवल ग्रुपों में भी नेपाल की स्थिति को लेकर लगातार सवाल पूछे जा रहे हैं। पर्यटक काठमांडू, पोखरा और अन्य पर्यटन स्थलों की सुरक्षा को लेकर जानकारी मांग रहे हैं। एक यात्री ने 2 सितंबर को काठमांडू और पोखरा जाने की योजना को लेकर काठमांडू-पोखरा मार्ग की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी मांगी। अगले साल मार्च में काठमांडू जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों ने भी बौद्धनाथ, स्वयंभूनाथ, भक्तपुर, पाटन और लुंबिनी जैसे पर्यटन स्थलों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। नेपाल के एक ट्रैवल एजेंट ने बताया कि ये पर्यटन स्थल सुरक्षित हैं, जबकि रसुवा, भोटेकोशी, धादिंग और त्रिशूली तथा आसपास के क्षेत्र प्रभावित हैं।

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