एनकोर्ड की बैठक करते हुए सीपी अजय नंद।साथ मं हैं एडिशनल सीपी क्राइम कुणाल अग्रवाल , ,ंतो पांडेय एवं अन्य
कोलकाता सिटी
ड्रग्स तस्करी के खिलाफ ''''''''जीरो टॉलरेंस''''''''
लालबाजार में पुलिस कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई एनकोर्ड की समीक्षा बैठक, रियल-टाइम इंटेलिजेंस पर जोर
कोलकाता :
महानगर में नशीले पदार्थों की तस्करी और नशे की लत पर अंकुश लगाने के लिए बुधवार को लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय के कॉन्फ्रेंस रूम में नार्को कोऑर्डिनेशन (एनकोर्ड) तंत्र की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। हाइब्रिड मोड में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता कोलकाता के पुलिस कमिश्नर ने की, जबकि एडिशनल सीपी (अपराध) ने बैठक के संयोजक की भूमिका निभाई। इस बैठक में कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा कई प्रमुख हितधारक एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), सीमा शुल्क (कस्टम्स), स्कूल शिक्षा विभाग, जीएसटी (जीएसटी), आबकारी विभाग , ड्रग्स कंट्रोल निदेशालय, आरपीएफ व जीआरपी, समाज कल्याण निदेशालय, डीआरआई, कोलकाता पोर्ट अथॉरिटी और पश्चिम बंगाल की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के प्रतिनिधि शामिल रहे।बैठक के दौरान कोलकाता पुलिस क्षेत्राधिकार के अंतर्गत नशीले पदार्थों की वर्तमान स्थिति, तस्करी के उभरते रुझानों और उनसे जुड़ी चुनौतियों की विस्तृत और गहन समीक्षा की गई। बैठक में विशेष रूप से विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल, रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझा करने और संयुक्त अभियानों को तेज करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा, संवेदनशील इलाकों और तस्करी नेटवर्क की पहचान करने, सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और अवैध गतिविधियों पर कड़ा प्रहार करने की रणनीतियों पर चर्चा हुई। सभी सदस्य एजेंसियों ने नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने और युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए एक एकजुट, खुफिया-आधारित और निरंतर अभियान चलाने की प्रतिबद्धता जताई, ताकि कोलकाता को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।

