

कोलकाता : आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लिफ्ट में फंसकर दमदम निवासी अरूप बनर्जी की दुखद मौत के मामले में गिरफ्तार पांच लोगों को सियालदह अदालत ने पुलिस हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार लोगों में तीन लिफ्टमैन मिलन कुमार दास, विश्वनाथ दास, मानस कुमार गुहा और दो सुरक्षा गार्ड अशरफुल रहमान और शुभदीप दास शामिल हैं। शनिवार को टाला थाने की पुलिस ने इन्हें अदालत में पेश किया। सरकारी वकील अरिंदम चटर्जी ने कहा कि आमतौर पर लिफ्ट लोगों की सुविधा के लिए होती है, लेकिन यह हादसा इसे “किलिंग मशीन” में बदलने जैसा था। उन्होंने बताया कि घटना के समय लिफ्ट की देखरेख करने वाले लोग म्यूजिक सुन रहे थे और सुरक्षा गार्ड केवल खड़े होकर देख रहे थे। इसलिए इस मामले की गंभीर जांच के लिए गिरफ्तार लोगों को पुलिस हिरासत में रखने की आवश्यकता है। इस बीच सुरक्षा गार्डों के वकील शुभेंदु साहा ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और उनके मुवक्किल निर्दोष हैं। उन्होंने जमानत के लिए आवेदन करने की भी संभावना जताई। लिफ्टमैन के वकील उमोम घोष ने भी अदालत में अपनी दलील दी। शिकायतकर्ता के वकील शुभज्योति दत्ता ने अदालत को बताया कि लिफ्टमैन और सुरक्षा गार्ड अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाने में विफल रहे। उन्होंने कहा कि जब मृतक अरूप अंदर फंसकर “मुझे बचाओ, मुझे बचाओ” चिल्ला रहे थे, तब भी इनकी भूमिका न्यूनतम रही।
सुनवाई के बाद सियालदह कोर्ट के जज सुल्तान मामूद ने पांचों अभियुक्तों को 27 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। गौरतलब है कि अरूप बनर्जी अपने बेटे के हाथ के इलाज के लिए अस्पताल गए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मृतक की 21 हड्डियां टूट चुकी थीं और उनके गंभीर घायल अंगों की वजह से उनकी मौत हुई।