हावड़ा की 491 स्लम बस्तियां सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर

हमीम मंडल कनेक्शन के बाद हरकत में प्रशासन
Kolkata
फाइल फोटो
Published on

कोलकाता : बर्दवान से गिरफ्तार संदिग्ध जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) मॉड्यूल से जुड़े आरोपी हमीम मंडल के हावड़ा की झुग्गी-बस्तियों में कुछ समय तक रहने की जानकारी सामने आने के बाद शहर की स्लम बस्तियों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी पर मुख्यमंत्री तथा उत्तर हावड़ा के विधायक उमेश राय पर हमले की साजिश रचने का आरोप है। इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सत्यापन, निगरानी और तलाशी अभियान तेज कर दिया है।

हावड़ा नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक शहर में 491 छोटी, मध्यम और बड़ी झुग्गी-बस्तियां हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन बस्तियों में रहने वाले अस्थायी किरायेदारों, अवैध कब्जाधारियों और लगातार बदलते निवासियों का कोई समग्र रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।

कई मामलों में पहचान पत्र, स्थायी पता और रोजगार संबंधी जानकारी दर्ज न होने से सुरक्षा एजेंसियों को निगरानी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस ने बस्तियों में विशेष तलाशी अभियान शुरू किया है।

इसके साथ ही शहर के संवेदनशील इलाकों में लगभग 1,200 सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना तैयार की गई है। ये कैमरे प्रमुख सड़क, गली, बाजार, प्रवेश एवं निकास मार्गों तथा अपराध संभावित क्षेत्रों में लगाए जाएंगे। इन्हें पुलिस के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से जोड़ा जाएगा, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके।

स्थिति की समीक्षा के लिए शनिवार को हावड़ा नगर निगम, हावड़ा सिटी पुलिस, जिला प्रशासन और विभिन्न स्लम क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में किरायेदारों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने, निवासियों का सत्यापन अभियान चलाने, निगरानी तंत्र मजबूत करने और नियमित जांच अभियान संचालित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि झुग्गी-बस्तियों में लोगों का लगातार आना-जाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। कई लोग कुछ दिनों तक रहने के बाद दूसरे स्थान पर चले जाते हैं, जिससे उनका सत्यापन और रिकॉर्ड बनाए रखना कठिन हो जाता है।

उन्होंने बताया कि प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है और सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

नगर निगम के स्लम विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिलखाना, बेलूर, वोटबागान, लीचूबागान, टिकियापाड़ा, बांकड़ा, चराबस्ती, पीएम बस्ती, काजीपाड़ा और नाजिरगंज जैसी बस्तियों को विशेष निगरानी के दायरे में रखा गया है।

प्रशासन का मानना है कि सत्यापन अभियान, डिजिटल रिकॉर्ड और सीसीटीवी नेटवर्क के विस्तार से अपराध नियंत्रण के साथ-साथ भविष्य में किसी भी संदिग्ध गतिविधि का समय रहते पता लगाने में भी मदद मिलेगी।

हावड़ा पुलिस ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि या बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।

पुलिस का मानना है कि सामुदायिक सहयोग और तकनीकी निगरानी के संयोजन से शहर में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in