

कोलकाता : नेपाल में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद कोलकाता से मानसरोवर यात्रा पर गया 32 सदस्यीय पर्यटक दल लापता हो गया है। दल में 30 पर्यटक और ट्रैवल एजेंसी के दो कर्मचारी शामिल हैं। इनमें 17 महिलाएं हैं। बुधवार की सुबह नेपाल-तिब्बत सीमा पार करने से पहले तक समूह के सदस्यों से संपर्क था, लेकिन इमिग्रेशन ऑफिस पहुंचने के बाद उनसे संपर्क टूट गया।
ट्रैवल एजेंसी के मुताबिक, यह समूह 21 अगस्त को कोलकाता से रवाना हुआ था और 22 अगस्त को नेपाल पहुंचा था। मंगलवार को सभी सदस्य काठमांडू में थे और वहां से उन्होंने तस्वीरें व वीडियो भी भेजे थे। बुधवार की सुबह करीब 8:30 बजे समूह के सदस्य इमिग्रेशन ऑफिस पहुंच गए थे। इसके बाद किसी भी सदस्य से संपर्क नहीं हो सका। ट्रैवल एजेंसी की ओर से दिव्यज्योति बसु ने बताया कि मानसरोवर अभियान के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संगठन ने यात्रा की व्यवस्थाएं की थीं। आपदा की सूचना मिलने के बाद बचाव के लिए हेलिकॉप्टर भेजा गया, लेकिन खराब हालात के कारण वह घटनास्थल पर उतर नहीं सका। नेपाल पर्यटन विभाग और भारतीय दूतावास से भी संपर्क किया गया है। हालांकि, अब तक लापता पर्यटक दल का कोई सुराग नहीं मिला है।
हुगली का 65 सदस्यीय दल भी नेपाल में फंसा
इधर, हुगली के आरामबाग से नेपाल गया 65 सदस्यीय पर्यटक दल भी बाढ़ के कारण फंस गया। पर्यटकों को ले जाने वाली बस चेतन पार्क में रुकी हुई है, जो मुख्य घटना स्थल से करीब 120 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। सभी पर्यटक सुरक्षित हैं। यह दल 24 अगस्त को नेपाल के लिए रवाना हुआ था। बुधवार की सुबह कुछ समय के लिए उनसे संपर्क नहीं हो पाया, जिससे परिवारों में चिंता बढ़ गई। बाद में पर्यटकों से संपर्क हो गया और उनकी सुरक्षित होने की जानकारी मिली।