

दीपक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कैमेक स्ट्रीट स्थित तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कार्यालय के बाहर होर्डिंग हटाने को लेकर हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। मामले में शेक्सपियर सरणी थाने में तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जबकि पुलिस अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। शुक्रवार को अभियुक्तों को अदालत में पेश करने पर उन्हें 3 सितंबर तक जेल हिरासत में भेज दिया गया।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक दर्ज एफआईआर में अभिषेक बनर्जी के अलावा टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, वैश्वानर चट्टोपाध्याय और पूर्व विधायक हुमायूं कबीर के नाम शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
सरकारी काम में बाधा और पुलिसकर्मियों से मारपीट का आरोप
पहली एफआईआर कोलकाता नगर निगम के विज्ञापन विभाग के उप प्रबंधक सुदीप कुमार बसु की शिकायत पर दर्ज की गई। शिकायत के अनुसार गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे केएमसी की टीम 9, कैमेक स्ट्रीट स्थित इमारत से कथित तौर पर खतरनाक स्थिति में लटक रहे बोर्ड को हटाने पहुंची थी। इसी दौरान नेताओं और उनके समर्थकों ने निगम कर्मियों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की और उपकरण छीन लिए। एफआईआर में गैर-कानूनी जमावड़ा, हिंसा, हथियारों के इस्तेमाल, सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने, मारपीट और धमकी देने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।
पुलिस टीम पर हमला, दो पुलिसकर्मी घायल
दूसरी एफआईआर पार्क स्ट्रीट थाने के सार्जेंट सुजीत कुमार मंडल की शिकायत पर दर्ज हुई। शिकायत के मुताबिक केएमसी कर्मियों की सहायता के लिए पहुंची पुलिस टीम को सीढ़ियों पर रोक दिया गया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी से वॉकी-टॉकी छीने जाने और एक आरोपी को हिरासत में लेने की कोशिश के दौरान पुलिस टीम पर हमला किए जाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हुए।
महिला पुलिसकर्मियों से बदसलूकी का भी आरोप
तीसरी एफआईआर में अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ’ब्रायन और वैश्वानर चट्टोपाध्याय पर मौके पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और बल प्रयोग का आरोप लगाया गया है। एफआईआर में बीएनएस की धारा 74 भी शामिल की गई है, जो महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल के इस्तेमाल से संबंधित है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि महिला पुलिसकर्मियों के साथ बल प्रयोग किया गया और उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई।
वीडियो फुटेज के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस आयुक्त अजय नंद ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मौके के वीडियो फुटेज की भी जांच की जा रही है और फुटेज के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान कर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।