'झारखंड के साथ निधि आवंटन में कोई भेदभाव नहीं', बोले केंद्रीय मंत्री आठवले

समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले
Published on

रांची : केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार निधि आवंटन में झारखंड के साथ कोई भेदभाव नहीं कर रही और वह समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

आठवले ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र में नरेन्द्र मोदी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र के साथ सभी समुदायों के कल्याण के लिए काम कर रही है। झारखंड को केंद्र के पैसा नहीं भेजने का आरोप गलत है। कोई भेदभाव नहीं होता है।

आठवले ने कहा कि पूरे देश में 57.3 करोड़ से अधिक जनधन खाते खोले गए हैं, जिनमें झारखंड के 2.2 करोड़ खाते शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मुद्रा योजना के तहत पूरे देश में लगभग 56.31 करोड़ लाभार्थियों को ऋण दिया गया, जिनमें 1.65 करोड़ लोग झारखंड के हैं।

आठवले ने कहा,उज्ज्वला योजना के तहत झारखंड में कुल 39.19 लाख एलपीजी कनेक्शन दिए गए, जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य में 1.65 लाख से अधिक घर आवंटित किए गए।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री आठवले से राज्य के ओबीसी छात्रों के लंबित छात्रवृत्ति मामलों के बारे में पूछा गया।

उन्होंने कहा कि झारखंड के ST, SC और OBC कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने यह मामला उनके सामने उठाया था। उन्होंने कहा, मैंने अधिकारियों से बात की। उन्होंने मुझे बताया कि छात्रवृत्ति की राशि मंजूर कर दी गई है तथा जल्द ही झारखंड को जारी कर दी जाएगी।

मंत्री ने इस बीच झारखंड में अपनी पार्टी, आरपीआई (ए) की एक इकाई स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने शिव ओरांव को प्रदेश अध्यक्ष, सिकंदर ओरांव को उपाध्यक्ष और पूनम सिंह को पार्टी की महिला शाखा का प्रमुख नियुक्त किया।

उन्होंने कहा, हमारी पार्टी की स्थापना महाराष्ट्र में हुई थी, लेकिन इसकी 28 राज्यों में इकाइयां हैं। हालांकि, हम फिलहाल हर जगह चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन हम संगठन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।

आठवले ने नितिन नबीन को BJP अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई दी और विश्वास जताया कि वह अपनी पार्टी को नयी ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि BJP नीत वाली राजग पश्चिम बंगाल में अगली सरकार बनाएगा।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in