झारखंड में सफल अभ्यर्थियों का सचिवालय के बाहर प्रदर्शन

उम्मीदवारों ने मेधा आधारित चयन बचाने की गुहार लगाई
उम्मीदवारों का प्रदर्शन
उम्मीदवारों का प्रदर्शन
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रांची : झारखंड सरकार द्वारा रद्द की गई भर्ती परीक्षाओं के सफल उम्मीदवारों ने शुक्रवार को राज्य सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया।

आदिवासी नायक बिरसा मुंडा और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन की तस्वीरें और तख्तियां लिए हुए प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने ‘न्याय दो या फांसी दो’ और ‘शर्म करो, शर्म करो’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (जेएसएससी-सीजीएल) में चयनित उम्मीदवार भी शामिल थे।

कल्याण अधिकारी के तौर पर चयनित देवघर निवासी रमेश मंडल ने कहा कि वह 19 अगस्त से प्रदर्शन कर रहे हैं और न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखेंगे।

चंदा कुमारी नामक एक अन्य उम्मीदवार ने कहा, मैं सरकार से अपील करती हूं कि वह JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का अपना फैसला वापस ले क्योंकि यह निर्णय बिना कोई कारण बताए लिया गया था। इस बीच ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ ने राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय में स्थगन आदेश के खिलाफ बहस करने के लिए न तो महाधिवक्ता और न ही कोई वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद थे।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि अदालत सभी परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले पर रोक लगा देगी। उच्च न्यायालय ने बुधवार को 11वीं और 13वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षाओं और खाद्य सुरक्षा अधिकारी की नियुक्तियों को रद्द करने वाली अधिसूचना पर रोक लगा दी।

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हालांकि, इस अंतरिम आदेश में राज्य सरकार द्वारा रद्द की गई सभी 22 परीक्षाएं शामिल नहीं हैं। कथित अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से जारी प्रदर्शन के बीच सरकार ने 18 अगस्त को 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दीं और 2014 से जेपीएससी, जेएसएससी और ‘आउटसोर्स एजेंसी’ टीडीपीएल द्वारा आयोजित 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए।

जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में चयनित उम्मीदवारों समेत लगभग 2,700 सफल उम्मीदवार इन परीक्षाओं को रद्द किए जाने का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो कि मेधा के आधार पर चयनित उम्मीदवार इन कथित अनियमितताओं के कारण अपनी नौकरी गंवा दें।

इस बीच, अपराध जांच विभाग (CID) के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जेएसएससी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2023 में कथित गड़बड़ियों के सिलसिले में 37 संदिग्धों से पूछताछ की है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता चंपई सोरेन ने इस स्थिति के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा, अगर सरकार इस मामले को लेकर जरा भी गंभीर होती तो वह इसकी CBI जांच का आदेश देती। झारखंड बने हुए 26 साल हो गए हैं और यह तथाकथित ‘अबुआ’ (अपनी) सरकार सात साल से सत्ता में है लेकिन अफसोस की बात है कि आज भी यहां भर्ती की कोई पारदर्शी प्रक्रिया नहीं बन पाई है।

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