

रांची : झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन ने रविवार को केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इसमें राज्य की उपेक्षा की गई है, जबकि भाजपा की प्रदेश इकाई ने इसे 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक दूरदर्शी कदम बताया।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) महासचिव और पार्टी के प्रवक्ता विनोद कुमार पांडे ने आरोप लगाया कि बजट में राज्य को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया, झारखंड के खनिज देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, फिर भी राज्य की उपेक्षा की गई है। बजट में केवल भाजपा शासित राज्यों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जो उचित नहीं है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश ठाकुर ने कहा, बजट में आम आदमी के लिए कुछ भी नहीं है। इसमें रोजगार की चर्चा नहीं है और महंगाई कम करने का कोई जिक्र नहीं है।
उन्होंने कहा कि 40 प्रतिशत से अधिक खनिज भंडार वाले इस राज्य को केंद्रीय बजट में घोषित महत्वपूर्ण खनिज गलियारे में कोई स्थान नहीं मिला। हालांकि, प्रदेश भाजपा नेताओं ने केंद्रीय बजट की सराहना की।
BJP के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा, यह बजट 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य के अनुरूप है। यह भारत के भविष्य के लिए एक स्पष्ट रुपरेखा प्रस्तुत करता है। इस बजट में गांवों, गरीबों, किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों की जरूरतों को सर्वोपरि रखा गया है। रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए, यह नये अवसरों और संसाधनों के सृजन की घोषणा करता है ताकि देश आत्मनिर्भर और सशक्त बन सके।
विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा, यह बजट विकसित भारत के निर्माण के लिए है। यह महात्मा गांधी के सपनों को साकार करने में सहायक होगा। इसमें रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है।