झारखंड कांग्रेस का आरोप : दिल्ली में 24 मई की आदिवासी सभा BJP का राजनीतिक हथकंडा

आरोप, झारखंड समेत देशभर में आदिवासी समुदायों के जल-जंगल-जमीन और वनाधिकारों का हनन जारी
सांकेतिक तस्वीर
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रांची : कांग्रेस की झारखंड इकाई ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि BJP बड़े आदिवासी जमावड़ों का आयोजन करके राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है, जबकि जमीनी स्तर पर इन समुदायों के अधिकारों का लगातार हनन कर रही है।

कांग्रेस ने दावा किया कि आदिवासी युवाओं में बेरोजगारी बढ़ रही है, उनके लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता दयनीय है, और ऐसे मुद्दों पर आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने यहां प्रेसवार्ता में कहा, आदिवासियों के नाम पर बड़े आयोजन करके BJP केवल राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। जमीनी स्तर पर आदिवासी समुदायों के अधिकारों को लगातार कमजोर किया जा रहा है। दिल्ली में आदिवासियों की सभा महज एक राजनीतिक हथकंडा है।

देश भर के 550 से अधिक आदिवासी समुदायों के लगभग 1.5 लाख लोग 24 मई को दिल्ली के लाल किला मैदान में आदिवासी नायक बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले ‘जनजातीय सांस्कृतिक समागम’ में भाग ले सकते हैं।

इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े जनजातीय सुरक्षा मंच द्वारा किया जा रहा है। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि झारखंड, छत्तीसगढ़ और देश के अन्य आदिवासी बहुल क्षेत्रों में जल, जंगल और जमीन पर उनके अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।

भगत ने आरोप लगाया, वन अधिकार अधिनियम, 2006 को लगातार कमजोर किया जा रहा है, विस्थापन की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार इन मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है।

कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव ने कहा कि दिल्ली में आयोजित यह सभा आदिवासी समाज की वास्तविक समस्याओं से ‘ध्यान भटकाने’ का एक प्रयास है।

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