झारखंड : CID ने बैंकॉक में साइबर गुलामी के लिए लोगों की तस्करी करने वाला आरोपी दबोचा

नौकरी के लिए लोगों को गैरकानूनी तरीके से झारखंड से थाईलैंड में बैंकॉक ले जाता था
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
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रांची : झारखंड पुलिस के अपराध अन्वेषण विभाग (CID) ने अंतरराष्ट्रीय साइबर दास्ता के लिए मानव तस्करी में कथित तौर पर संलिप्त एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने बताया कि आरोपी नौकरी के इच्छुक लोगों को गैरकानूनी तरीके से झारखंड से थाईलैंड में बैंकॉक ले जाता था और वहां उन्हें कथित तौर पर संगठित धोखाधड़ी वाली ऑनलाइन गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता था। पुलिस ने बताया कि आरोपी को जमशेदपुर के आजाद नगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

CID ​​ने एक विज्ञप्ति में कहा, जांच के दौरान खुलासा हुआ कि भारत के बाहर स्थित सहयोगियों के साथ मिलकर आरोपी ने आकर्षक विदेशी नौकरियों का प्रलोभन देकर युवाओं की भर्ती की और विदेशों में साइबर धोखाधड़ी की गतिविधियों में शामिल होने के लिए वहां भेजा।

विज्ञप्ति के मुताबिक अन्य पीड़ितों की पहचान करने, वित्तीय लेनदेन का पता लगाने और सह-आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए जांच जारी है।

CID ने बताया कि संभावित पीड़ितों से एजेंट संपर्क करते थे और उन्हें बैंकॉक, कंबोडिया, लाओस और थाईलैंड में डेटा एंट्री की नौकरी दिलाने का प्रलोभन देते थे और फिर उनसे वीजा और टिकट के लिए पैसे जमा करने को कहते थे।

विज्ञप्ति के मुताबिक, विदेश की धरती पर पहुंचने पर, उन्हें धोखाधड़ी की गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्हें विभिन्न सोशल मीडिया मंच पर फर्जी खाते बनाने और आकर्षक निवेश प्रस्तावों के साथ संभावित पीड़ितों से संपर्क करने का निर्देश दिया जाता है। भारत से तस्करी कर लाए गए व्यक्तियों को कठोर परिस्थितियों में लंबे समय तक काम करने के लिए मजबूर किया जाता है, उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते हैं और उन्हें परिसर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता है।

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