JSSC-CGL नियुक्ति रद्द करने के सरकारी आदेश पर हाईकोर्ट की रोक

सरकार से 15 सितंबर तक स्पष्टीकरण मांगा
झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट
Published on

रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL (विज्ञापन संख्या 10/2023) के आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने मंगलवार को आकाश गौरव सहित 99 कर्मियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

अदालत ने मामले में राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) से 15 सितंबर तक जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई भी 15 सितंबर को निर्धारित की गई है। प्रार्थियों की ओर से पूर्व महाधिवक्ता एवं वरीय अधिवक्ता राजीव रंजन और अधिवक्ता श्रेय मिश्रा ने अदालत में पक्ष रखा। याचिकाकर्ताओं ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के परिणाम के आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के निर्णय को चुनौती दी है।

राज्य सरकार ने सीआईडी जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर 18 अगस्त की देर रात कई नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर बड़े फैसले की घोषणा की थी। सरकार ने उन सभी परीक्षाओं को रद्द करने की बात कही थी, जिनमें टीडीपीएल की भूमिका सामने आई थी। साथ ही वर्ष 2014 से अब तक आयोजित नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने की भी घोषणा की गई थी। सरकार की घोषणा के बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से इससे संबंधित अधिसूचना जारी की गई।

अधिसूचना में विभिन्न परीक्षाओं के संबंध में अलग-अलग कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 22 परीक्षाओं को रद्द करने, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित करने और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने का उल्लेख किया गया है। जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा भी इसी विवाद के केंद्र में है। परीक्षा प्रक्रिया और नियुक्तियों को लेकर पहले से ही अभ्यर्थियों तथा सरकार के बीच विवाद रहा है।

अब नियुक्त कर्मियों की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दिए जाने के बाद अदालत के आदेश से उन्हें तत्काल राहत मिली है। हालांकि, नियुक्तियों की वैधता और परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अंतिम स्थिति अदालत में आगे होने वाली सुनवाई और सरकार तथा जेएसएससी के जवाब के बाद स्पष्ट होगी।

झारखंड हाईकोर्ट
जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा घोटाला : अब तक 11 गिरफ्तार
Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in