

रांची : झारखंड में कांग्रेस के सदस्यों ने जनगणना प्रश्नावली में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए एक अलग कॉलम की मांग करते हुए बुधवार को लोक भवन तक मार्च निकाला।
पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में यह मार्च रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका से शुरू हुआ।
यह मार्च दो किलोमीटर की दूरी तय करके लोक भवन के पास समाप्त हुआ। इसमें प्रदेश के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, सांसदों और विधायकों सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।
केंद्र ने जनगणना के दौरान लोगों से पूछे जाने वाले 40 सवालों को शुक्रवार को अधिसूचित किया जिनमें जाति और कोविड-19 के टीकाकरण के स्थान से जुड़े सवाल भी शामिल हैं। बर्फबारी वाले इलाकों में जनगणना एक सितंबर से शुरू होगी, जबकि देश के बाकी हिस्सों में यह काम अगले साल शुरू किया जाएगा। यह पहली बार होगा जब जनगणना में जातिगत विवरण एकत्र किए जाएंगे।
पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कमलेश ने आरोप लगाया कि जनगणना की प्रश्नावली में ओबीसी कॉलम को शामिल नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया, जाति आधारित जनगणना देश में सामाजिक न्याय, समान अवसर और संसाधनों में उचित हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण जरिया है। देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा ओबीसी समुदाय से ताल्लुक रखता है।
उन्होंने कहा, केंद्र को ओबीसी की मांग का जवाब देना चाहिए। जब चुनाव आता है, तो हमारे प्रधानमंत्री खुद को ओबीसी बताते हैं। लेकिन, जब ओबीसी के अधिकारों और हिस्सेदारी की बात आती है, तो उनके साथ धोखा किया जाता है।
जनगणना दो चरणों में कराई जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि मकानों की सूची बनाना और घरेलू डेटा एकत्र करने से संबंधित पहला चरण झारखंड में मई और जून में किया गया था, जबकि दूसरा चरण अगले साल नौ फरवरी से 28 फरवरी तक होगा। जनगणना के दूसरे चरण में जाति से जुड़े सवाल शामिल किए जाएंगे।
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि देश में ओबीसी की आबादी करीब 65 फीसदी है। अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अनुसूचित जाति (एससी) के लिए एक कॉलम है, तो फिर ओबीसी के लिए क्यों नहीं, जिन्होंने देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है ?
मार्च पूरा होने के बाद, कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें केंद्र सरकार से जनगणना फॉर्म में ओबीसी का एक अलग कॉलम शामिल करने का आग्रह किया गया।