

रांची : झारखंड से कांग्रेस विधायक रामेश्वर ओरांव ने गुरुवार को कहा कि वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पार्टी नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर राज्य सरकार द्वारा हाल में लागू किए गए ‘पेसा’ नियमों में मौजूद ‘खामियों’ को उजागर करेंगे।
उन्होंने दावा किया कि अनुसूचित क्षेत्र पंचायत विस्तार (पेसा) अधिनियम के तहत कुछ नियम, यदि जल्द से जल्द नहीं सुधारे गए, तो आदिवासियों के भविष्य को अंधकार में डाल देंगे।
झारखंड में लोहरदगा से कांग्रेस के विधायक ने कहा, दुर्भाग्यवश, नियमों में प्रथागत कानूनों, सामाजिक और धार्मिक रीति-रिवाजों का कोई उल्लेख नहीं है, जबकि ये इस अधिनियम का मूल आधार हैं। इस खामी से आदिवासी समुदायों को भारी नुकसान होगा। यह आदिवासी लोगों के हित में नहीं है। झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) नीत गठबंधन सरकार में कांग्रेस घटक दल है।
अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समुदायों के अधिकारों को मान्यता देने वाला पेसा अधिनियम 1996 में लागू किया गया था। राज्य सरकार ने 23 दिसंबर, 2025 को मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद दो जनवरी को पेसा नियमों को अधिसूचित किया।
ओरांव ने यह भी कहा कि उन्होंने बुधवार को कांग्रेस के झारखंड मामलों के प्रभारी के. राजू के साथ हुई बैठक में यह मुद्दा उठाया था।
उन्होंने कहा, मैंने उनसे कहा कि अगर इस खामी को नहीं दूर किया गया तो छत्तीसगढ़ की तरह झारखंड में भी पार्टी पर इसका असर पड़ सकता है। छत्तीसगढ़ की पिछली कांग्रेस सरकार ने भी ऐसी ही गलतियां की थीं और पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था।
उन्होंने कहा, मैंने इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और अपने पार्टी नेता राहुल गांधी को पत्र लिखने का भी फैसला किया है, जिसमें उनसे खामियों को दूर कराने का आग्रह किया जाएगा।
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