बोकारो से 6 साल पहले लापता नाबालिग, CBI ने शुरू की जांच

छह साल से लापता किशोर की तलाश में स्थानीय पुलिस नाकाम
सांकेतिक फोटो
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रांची : झारखंड के बोकारो से छह साल पहले लापता हुई 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI की रांची इकाई ने यह एफआईआर दर्ज की है। मामले में मानव तस्करी की आशंका और अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी जांच की जाएगी।

हाईकोर्ट ने CBI निदेशक को जांच की उचित निगरानी और नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को 27 अक्टूबर तक हलफनामे के माध्यम से प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।

मामला बोकारो जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र का है। 16 अक्टूबर 2020 को 14 वर्षीय लड़की ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकली थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत पर उसी दिन थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शुरुआत में मामले की जांच बोकारो पुलिस ने की।

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परीक्षा घोटाले में मुख्य आरोपी मिथिलेश सिंह की तलाश में जुटी जांच एजेंसियां

पुलिस ने लड़की की तलाश के लिए कई स्तर पर जांच की, लेकिन उसके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। जांच के दौरान तीन लोगों का नार्को टेस्ट भी कराया गया था। हालांकि, इससे भी लापता लड़की के संबंध में कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने नहीं आई।

पुलिस की जांच में सफलता नहीं मिलने के बाद लड़की की मां ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले की जांच CID को सौंप दी गई है। CID ने बाद में विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर मामले की जांच शुरू की।

अदालत के निर्देश पर CID ने जांच की प्रगति रिपोर्ट भी सौंपी। रिपोर्ट में लड़की के लापता होने की घटना के पीछे मानव तस्करी की आशंका जताई गई। CID ने इसे अंतरराज्यीय मामला बताते हुए तकनीकी संसाधनों और जांच से जुड़ी कुछ दिक्कतों के कारण आगे की जांच में असमर्थता भी जताई।

इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंपने को लेकर केंद्रीय एजेंसी और राज्य सरकार से राय मांगी। CBI ने मामले की जांच करने पर अपनी सहमति दी। राज्य सरकार ने भी CBI जांच पर कोई आपत्ति नहीं होने की जानकारी अदालत को दी। दोनों पक्षों की राय सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया।

अदालत ने CID के एडीजी को मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड CBI के रांची स्थित ईस्टर्न जोन के संयुक्त निदेशक को सौंपने का निर्देश दिया है। अब CBI पुलिस और CID की पूर्व जांच से मिले रिकॉर्ड की समीक्षा करने के साथ ही पुराने सुरागों की नए सिरे से पड़ताल करेगी।

अंतरराज्यीय कनेक्शन, मानव तस्करी की आशंका और उपलब्ध डिजिटल एवं तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी। करीब छह साल से बेटी की तलाश कर रहे परिवार के लिए CBI जांच से अब मामले में ठोस सुराग मिलने की उम्मीद जगी है।

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