जेएसएससी-सीजीएल अनियमितताओं में अब तक 10 गिरफ्तार

जेएसएससी-सीजीएल भर्ती परीक्षा में कथित धांधली की जांच तेज
जेपीएससी और जेएसएससी
जेपीएससी-जेएसएससी धांधली का खुलासासांकेतिक चित्र
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रांची : झारखंड पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने राज्य में एक भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

अधिकारी ने बताया कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा 2024 में आयोजित ‘झारखंड स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023’ में कथित अनियमितताओं के मामले में राज्य की जांच एजेंसी ने 18 अगस्त से अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।

सीआईडी ने जारी एक बयान में बताया कि इस सिलसिले में पलामू जिले के डुमरी गांव के रहने वाले कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले, जांच एजेंसी ने 27 अगस्त को दो आरोपियों, 28 अगस्त को जेएसएससी-सीजीएल 2024 परीक्षा के चार सफल अभ्यर्थियों और 30 अगस्त को झारखंड के गिरिडीह जिले से एक आरोपी को गिरफ्तार किया था।

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सीआईडी ने जुलाई के अंत और अगस्त की शुरुआत में मामले के मुख्य आरोपी अभय तिवारी, उसकी पत्नी और भाई को भी गिरफ्तार किया।

झारखंड सरकार ने नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों के भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन के बाद 21 और 22 सितंबर, 2024 को आयोजित जेएसएससी-सीजीएल-2023 परीक्षा समेत कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी। हालांकि, झारखंड उच्च न्यायालय ने जेएसएससी-सीजीएल-2023 समेत कुछ परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है।

अदालत ने यह आदेश भर्ती परीक्षा के उन सफल अभ्यर्थियों की याचिका पर दिया, जिन्हें अपनी नौकरी जाने का डर था। झारखंड सीआईडी की एक विशेष टीम जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है।

सीआईडी ने इस जांच के सिलसिले में 22 जुलाई को अभय तिवारी को गिरफ्तार किया था। वह उस समय गोड्डा जिले के पौड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर तैनात था। मामले में उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया।

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