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श्रीभूमि में बिहू दल पर हमले में 17 गिरफ्तार
चार और आरोपी पकड़े गए, पुलिस की जांच जारी
गुवाहाटी :
असम के श्रीभूमि जिले में बिहू कलाकारों के एक दल पर कथित हमले के मामले में पुलिस ने चार और लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 17 हो गई है। असम पुलिस के महानिदेशक हरमीत सिंह ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, चारों आरोपियों को रविवार रात गिरफ्तार किया गया और उन्हें अदालत में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है। इससे पहले इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। यह घटना दुर्गा पूजा की प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा के दौरान हुई थी। आयोजकों ने कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए बिहू कलाकारों के दल को आमंत्रित किया था। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने कलाकारों पर हमला कर दिया। घटना में कई कलाकार घायल हो गए और बिहू में इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक वाद्ययंत्रों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कार्रवाई तेज
पुलिस के अनुसार, मामले में श्रीभूमि थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शुरुआती कार्रवाई में 13 लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर चार और लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है। असम के पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि असम पुलिस कानून का शासन बनाए रखने, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने, शांति एवं सद्भाव कायम रखने और घटना में शामिल लोगों को न्याय के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने भी घटना पर नाराजगी जताते हुए पुलिस महानिदेशक को आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम की सांस्कृतिक पहचान और विरासत का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बिहू कलाकारों पर हमले की निंदा
केंद्रीय मंत्री और असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि बिहू असमिया समाज की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है और कलाकारों पर हमला या राज्य की सांस्कृतिक विरासत के प्रति शत्रुता अस्वीकार्य है। ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) के अध्यक्ष उत्पल शर्मा ने भी घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कलाकारों के साथ कथित मारपीट और ढोल तथा पेपा जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों को नुकसान पहुंचाने पर चिंता जताई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

