वॉल स्ट्रीट में गिरावट के बाद एशियाई शेयर बाजार लुढ़के, तेल 1% से ज्यादा गिरा

एशियाई बाजारों में गिरावट, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
वॉल स्ट्रीट में गिरावट के बाद एशियाई शेयर बाजार लुढ़के, तेल 1% से ज्यादा गिरा
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एशियाई शेयर बाजारों में सोमवार को ज्यादातर गिरावट रही, जबकि पिछले सप्ताह चार साल से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई। अमेरिकी शेयर बाजार के वायदा कारोबार में मामूली तेजी रही।

विश्लेषकों के मुताबिक, निवेशक इस सप्ताह बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों और केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर संबंधी फैसलों पर नजर रख रहे हैं, जिनका बाजारों पर असर पड़ सकता है।

टोक्यो का निक्केई 225 सूचकांक 0.1 प्रतिशत गिरकर 62,602.86 अंक पर आ गया। सियोल का कोस्पी 1.1 प्रतिशत टूटकर 5,494.29 अंक पर रहा। हांगकांग का हैंगसेंग 0.2 प्रतिशत बढ़कर 23,137.93 अंक पर पहुंचा, जबकि शंघाई कंपोजिट 0.4 प्रतिशत गिरकर 3,673.83 अंक पर आ गया। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 सूचकांक 0.2 प्रतिशत फिसलकर 8,782.30 अंक पर रहा।

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.3 प्रतिशत गिरकर 110.23 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। अमेरिकी कच्चा तेल 1.7 प्रतिशत गिरकर 101.52 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 3.1 प्रतिशत बढ़कर 116.72 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था, जो जून 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर था।

अमेरिकी बाजार में भी गिरावट

शुक्रवार को अमेरिकी बाजार में एसएंडपी 500 सूचकांक 0.5 प्रतिशत गिरा। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में 1.2 प्रतिशत और नैस्डैक कंपोजिट में 0.2 प्रतिशत की गिरावट रही। एसएंडपी 500 लगातार दूसरे सप्ताह नुकसान में बंद हुआ।

हालांकि, एआई से जुड़ी कुछ कंपनियों के शेयरों में तेजी ने बाजार की गिरावट का असर कम किया। माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 2.5 प्रतिशत, इंटेल के 1.7 प्रतिशत और माइक्रोसॉफ्ट के 0.7 प्रतिशत चढ़े। एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (एएमडी) में भी 1.7 प्रतिशत की बढ़त रही।

एआई कंपनियों के ऊंचे मूल्यांकन को लेकर निवेशकों की चिंताओं के कारण इन शेयरों में बिकवाली का दबाव बना हुआ है। कई कंपनियां एआई तकनीक में निवेश के लिए कर्ज ले रही हैं, जबकि ऊंची ब्याज दरों से कर्ज लेना महंगा हो रहा है।

इस सप्ताह अल्फाबेट, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसी बड़ी कंपनियां अपने तिमाही नतीजे जारी करेंगी। निवेशक यह जानना चाहते हैं कि एआई पर किए जा रहे भारी खर्च से कंपनियों को कितना लाभ मिल रहा है।

एसपीआई एसेट मैनेजमेंट के स्टीफन इनेस ने कहा कि इस सप्ताह बाजार में भरोसे से ज्यादा कंपनियों के प्रदर्शन के प्रमाण महत्वपूर्ण होंगे। निवेशक देखना चाहते हैं कि एआई पर अरबों डॉलर का खर्च भविष्य में टिकाऊ कमाई का आधार बन रहा है या नहीं।

औद्योगिक कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट रही। कैटरपिलर के शेयर 2.4 प्रतिशत टूटे। अमेरिकन एक्सप्रेस के शेयर 3.7 प्रतिशत गिर गए, हालांकि कंपनी ने तिमाही मुनाफा विश्लेषकों के अनुमान से बेहतर बताया। कंपनी ने करीब एक दशक में पहली बार बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा भी की।

फेड के ब्याज दर फैसले पर नजर

अमेरिका में सरकारी बॉन्ड पर प्रतिफल में मामूली बढ़ोतरी हुई। दुनिया भर में बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने की एक वजह सरकारों पर बढ़ते कर्ज को लेकर चिंता है। महंगाई भी चिंता का विषय बनी हुई है और अमेरिका में यह अब भी तीन प्रतिशत से काफी ऊपर है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने महंगाई पर काबू पाने के लिए पिछली बैठक में अपनी प्रमुख ब्याज दर बढ़ाई थी। हालांकि, वॉल स्ट्रीट को उम्मीद है कि इस सप्ताह होने वाली बैठक में फेड दरों को स्थिर रखेगा। इसके बावजूद दिसंबर में एक और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

इस सप्ताह अमेरिका के कई अहम आर्थिक आंकड़े भी जारी होंगे। इनमें फेड का पसंदीदा महंगाई मापक व्यक्तिगत उपभोग व्यय (पीसीई) सूचकांक शामिल है। सितंबर में इसके 3.7 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जो फेड के दो प्रतिशत के लक्ष्य से काफी अधिक है।

ईरान के साथ अमेरिका के युद्ध ने वैश्विक तेल आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है। इससे ऊर्जा की कीमतें बढ़ी हैं और पेट्रोल से लेकर खाद्य पदार्थों तथा कपड़ों तक की लागत में तेज उछाल आया है।

सोमवार को शुरुआती कारोबार में डॉलर कमजोर होकर 156.79 जापानी येन पर आ गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 156.99 येन पर था। यूरो 1.1223 डॉलर पर स्थिर रहा।

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