मेघालय में कोयला खनन बहाली की संभावनाएं तलाशने पहुंची केंद्रीय तकनीकी टीम

मेघालय में कोयला खनन बहाली की संभावनाएं तलाशने पहुंची केंद्रीय तकनीकी टीम

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शिलांग :

मेघालय में छोटे पैमाने पर कोयला खनन दोबारा शुरू करने की संभावनाओं का आकलन करने के लिए कोयला मंत्रालय की तकनीकी टीम ने पूर्वी जैंतिया हिल्स और खासी हिल्स के खनन क्षेत्रों का निरीक्षण किया। टीम ने खनन गतिविधियों को सुरक्षित, वैज्ञानिक और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से संचालित करने की व्यवहार्यता की जांच की। खनिज संसाधन निदेशालय के अनुसार, पिछले सप्ताह हुए इस दौरे में सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआईएल) और खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) के अधिकारी शामिल थे। मेघालय सरकार के खनिज संसाधन निदेशालय के अधिकारियों ने भी निरीक्षण के दौरान टीम के साथ रहकर स्थानीय परिस्थितियों से अवगत कराया। यह पहल राज्य में कोयला खनन को फिर से शुरू करने के लिए मेघालय सरकार और केंद्र के बीच जारी बातचीत का हिस्सा है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के प्रतिबंध के बाद राज्य में कोयला खनन गतिविधियां निलंबित हैं। मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने भी सात जुलाई 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से मुलाकात कर कोयला आधारित आजीविका को बहाल करने के मुद्दे पर चर्चा की थी।

खनन दोबारा शुरू करने की संभावनाओं का किया आकलन

निरीक्षण के दौरान तकनीकी टीम ने खनन क्षेत्रों में प्रचलित तरीकों की समीक्षा की और मौजूदा कानूनी एवं नियामक प्रावधानों के तहत खनन दोबारा शुरू करने की संभावनाओं का आकलन किया। इसके बाद राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में स्थानीय खनिकों की समस्याओं तथा राज्य की भूगर्भीय परिस्थितियों और भूमि स्वामित्व व्यवस्था के अनुरूप वैज्ञानिक खनन की तकनीकी, सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी आवश्यकताओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन कायम रखते हुए कोयला खनन बहाल करने के व्यावहारिक विकल्प तलाशने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कोयला मंत्रालय और स्थानीय खनिकों के साथ समन्वय से टिकाऊ, सुरक्षित और वैज्ञानिक खनन व्यवस्था विकसित की जा सकती है। राज्य सरकार ने तकनीकी सहयोग के लिए कोयला मंत्रालय, सीएमपीडीआईएल और डीजीएमएस के प्रति आभार जताया। आने वाले सप्ताहों में इस संबंध में आगे का आकलन और अनुवर्ती बैठकें होने की उम्मीद है। खनिज संसाधन निदेशालय संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।
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