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मणिपुर में ताजा हिंसा में तीन की मौत दस मकान जलाए गए
कामजोंग और उखरुल जिलों में गोलीबारी से बढ़ा तनाव, निषेधाज्ञा लागू; कांगपोकपी में भी सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी
इंफाल :
हिंसा प्रभावित मणिपुर में एक बार फिर सशस्त्र समूहों के बीच झड़पों में तीन लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, ताजा घटनाएं कामजोंग और उखरुल जिलों में हुईं। कामजोंग जिले के चस्साद गांव में एक महिला और 22 वर्षीय युवक की जान चली गई, जबकि उखरुल जिले में एक अन्य व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। चस्साद में गोलीबारी के दौरान 10 मकानों को आग के हवाले किए जाने की भी खबर है। हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने एहतियाती प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।
चस्साद गांव में महिला की हत्या के बाद भड़की गोलीबारी
अधिकारियों के मुताबिक, कामजोंग जिले के नागा-बहुल क्षेत्र में स्थित कुकी-बहुल चस्साद गांव में शुक्रवार रात 42 वर्षीय महिला को गर्दन के पास गोली लगी। पांच बच्चों की मां इस महिला की कुछ ही मिनटों में मौत हो गई। इस घटना के बाद कुकी और नागा सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई, जो शनिवार सुबह तक जारी रही। इसी दौरान 22 वर्षीय एक युवक की भी मौत हो गई। हिंसक घटनाओं में 10 मकानों को आग लगाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, महिला की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों और गोलीबारी की शुरुआत से जुड़ी परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।
उखरुल में वाहन पर गोलीबारी, चालक की मौत
उखरुल जिले में हुई एक अलग घटना में 40 वर्षीय संदीप राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध उग्रवादियों ने चेपू याओलेन के पास उनके वाहन पर गोलीबारी की। संदीप राय की वाहन के भीतर ही मौत हो गई। इस बीच, कांगपोकपी जिले के मकुई अशांग और तापन इलाकों में भी सशस्त्र समूहों के बीच भारी गोलीबारी की सूचना मिली है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
चस्साद में निषेधाज्ञा लागू
हिंसा को फैलने से रोकने के लिए जिला प्रशासन ने चस्साद पुलिस गेट जंक्शन के 400 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन का उद्देश्य संभावित हिंसक घटनाओं को रोकना और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। हालांकि, प्रभावित इलाकों में तनाव की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बलों और प्रशासन के सामने शांति बहाल करना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
फरवरी से अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत
मणिपुर में कुकी और नागा समुदायों के बीच फरवरी 2026 में हिंसा शुरू होने के बाद से अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। कई मकानों को आग के हवाले किए जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। हिंसा का असर मुख्य रूप से उखरुल, कामजोंग, कांगपोकपी, तामेंगलोंग और नोनी जिलों के अलावा सेनापति जिले के कुछ हिस्सों में देखा गया है। ताजा घटनाओं ने एक बार फिर क्षेत्र में सुरक्षा और सामान्य जनजीवन बहाल करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ताजा गोलीबारी के मामलों में शामिल लोगों की पहचान और घटनाओं के पीछे की परिस्थितियों को लेकर आगे की जांच का इंतजार है।

