भूपेन द अनकट का देश-विदेश के फिल्म समारोहों में प्रदर्शन जारी

भूपेन द अनकट का देश-विदेश के फिल्म समारोहों में प्रदर्शन जारी

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गुवाहाटी:

महान असमिया गायक, संगीतकार और सांस्कृतिक व्यक्तित्व डॉ. भूपेन हजारिका के जीवन, विचारों और विरासत को रेखांकित करने वाली वृत्तचित्र फिल्म ‘भूपेन द अनकट’ का प्रदर्शन देश-विदेश में लगातार जारी है। उनके जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर इस फिल्म को विभिन्न विश्वविद्यालयों, सांस्कृतिक संस्थानों और प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में प्रदर्शित किया जा रहा है। अब इस वृत्तचित्र को 13 नवंबर 2026 को मुंबई में आयोजित होने वाले मुंबई-इंडी-फिल्म फेस्टिवल में स्क्रीनिंग के लिए चुना गया है। इसके अलावा, अक्टूबर में ज्योति चित्रबन में आयोजित होने वाले ‘चलचित्रम फिल्म फेस्टिवल’ में भी इसका प्रदर्शन किया जाएगा।मौखिक इतिहास अभिलेखागार विभाग और असम डिजिटल लिविंग संग्रहालय की ओर से 25 सितंबर 2026 को अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित रटगर्स विश्वविद्यालय में इस वृत्तचित्र की स्क्रीनिंग आयोजित की गई थी। इस अवसर पर प्रमुख पत्रकार संघमित्रा कलिता ने फिल्म प्रस्तुत की और निर्देशक बबीता शर्मा के साथ विशेष बातचीत में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय में सिनेमा अध्ययन की निदेशक प्रोफेसर मेहेली सेन ने किया। डॉ. भूपेन हजारिका के बेटे तेज हजारिका भी अपने परिवार के साथ उपस्थित रहे।अमेरिका के ह्यूस्टन में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने असमिया कल्चरल सोसाइटी ऑफ ग्रेटर ह्यूस्टन के सहयोग से अक्टूबर में वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी एवं महावाणिज्य दूत डीसी मंजूनाथ ने किया। लेखिका और पूर्व राजनयिक लक्ष्मी पुरी ने डॉ. भूपेन हजारिका के जीवन और योगदान पर मुख्य वक्तव्य दिया, जबकि डॉ. संगीता शैकिया ने स्वागत भाषण दिया। स्क्रीनिंग से पहले स्थानीय असमिया प्रवासी समुदाय के कलाकारों ने उनके गीतों और रचनाओं पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।

कई देशों में हो चुकी है स्क्रीनिंग

‘भूपेन द अनकट’ का प्रदर्शन इससे पहले 2025 में गोवा में भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई), लक्जमबर्ग और पोलैंड में आयोजित असम मिलान कार्यक्रमों तथा लंदन स्थित नेहरू सेंटर में किया जा चुका है। एक अगस्त 2026 को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में भी इसकी स्क्रीनिंग हुई थी। कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रोफेसर केजी सुरेश ने किया था।29 अगस्त को मुंबई स्थित असम भवन में विशेष रूप से कैंसर रोगियों और उनकी देखभाल करने वालों के लिए फिल्म का प्रदर्शन आयोजित किया गया। इसमें फिल्म निर्देशक रीमा दास, अर्जुन पुरस्कार विजेता कमलेश मेहता और मोनालिसा बरुआ मेहता तथा वरिष्ठ फिल्म पत्रकार जीवराज बर्मन शामिल हुए।डॉ. भूपेन हजारिका के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर पांच सितंबर को कोलकाता में असमिया सांस्कृतिक संघ (केएएसए) ने असम सरकार के सांस्कृतिक विभाग के सहयोग से वृत्तचित्र की स्क्रीनिंग आयोजित की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात तबला वादक बिक्रम घोष ने फिल्म की सराहना करते हुए कहा कि इसकी सरल प्रस्तुति उन्हें विशेष रूप से प्रभावित करती है। समारोह में उनकी पत्नी और अभिनेत्री जया शील भी उपस्थित थीं। लगातार हो रही इन स्क्रीनिंग के माध्यम से डॉ. भूपेन हजारिका के जीवन, संगीत, दर्शन और सांस्कृतिक योगदान को नई पीढ़ी तथा अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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