भारत-यूएई के बीच स्थानीय मुद्रा में होगा कारोबार, घटेगी डॉलर पर निर्भरता

भारत-यूएई के बीच स्थानीय मुद्रा में होगा कारोबार, घटेगी डॉलर पर निर्भरता

Published on: 

नई दिल्ली :

भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने स्थानीय मुद्रा में द्विपक्षीय व्यापार के निपटान, भुगतान एवं संदेश प्रणालियों के एकीकरण और केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) से जुड़ी पहलों को समयबद्ध तरीके से लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के बीच यह पहल व्यापार और निवेश के भुगतान को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, इन मुद्दों पर भारत-यूएई निवेश उच्चस्तरीय संयुक्त कार्यबल (HLJTFI) की 14वीं बैठक में चर्चा हुई। बैठक की सह-अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) के प्रबंध निदेशक शेख हामिद बिन जायद अल नाहयान ने की।दोनों पक्षों ने स्थानीय मुद्रा निपटान व्यवस्था, भुगतान और वित्तीय संदेश प्रणालियों के एकीकरण तथा CBDC से संबंधित पहल में दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों की प्रगति की समीक्षा की। मंत्रालय ने कहा कि इन उपायों में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को अधिक कुशल, सुलभ और लचीला बनाने की क्षमता है। बैठक में ऊर्जा, उद्योग, लॉजिस्टिक्स, बुनियादी ढांचा, प्रौद्योगिकी और कृत्रिम मेधा (AI), अंतरिक्ष, खाद्य सुरक्षा, कृषि नवाचार और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।भारत रुपये के अंतरराष्ट्रीय उपयोग को बढ़ाने और विदेशी मुद्रा की जरूरत तथा हार्ड करेंसी पर निर्भरता कम करने के लिए कई देशों के साथ स्थानीय मुद्रा में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। सरकार ने जुलाई 2023 में संसद को बताया था कि 22 देशों के बैंकों ने भारतीय बैंकों में विशेष रुपया वोस्ट्रो खाते खोले हैं। इनमें रूस, मलेशिया, सिंगापुर, ओमान, मॉरीशस और श्रीलंका समेत अन्य देश शामिल थे। भारत और रूस के बीच रुपये-रूबल में कारोबार भी हो रहा है। भारत-यूएई के बीच स्थानीय मुद्रा व्यवस्था के विस्तार से दोनों देशों के कारोबारियों को सीधे स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन की सुविधा मिल सकती है और भुगतान व्यवस्था में डॉलर की जरूरत घट सकती है।
सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in