त्रिपुरा में 58 और कृषि बाजार विकसित होंगे

त्रिपुरा में 58 और कृषि बाजार विकसित होंगे

किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
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अगरतला :

त्रिपुरा सरकार वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य में 58 और कृषि बाजारों का विकास करेगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि विपणन की सुविधाओं को मजबूत करना, किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराना और उनकी आय बढ़ाना है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। मंत्री ने दक्षिण त्रिपुरा जिले के गजरिया में 4.51 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित दो मंजिला ग्रामीण बाजार का उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य की बड़ी आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। ऐसे में कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाना राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को वैश्विक अनाज भंडारण केंद्र बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप राज्य सरकार कृषि संबंधी बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान दे रही है। खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए किसानों को बेहतर बाजार सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।

राज्य में 554 कृषि बाजार

रतन लाल नाथ के अनुसार, त्रिपुरा में वर्तमान में कुल 554 कृषि बाजार हैं। इनमें 84 प्राथमिक थोक बाजार शामिल हैं, जिनमें 21 कृषि उपज बाजार हैं। इसके अतिरिक्त राज्य में 470 प्राथमिक या ग्रामीण बाजार संचालित हैं। मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2018-19 से राज्य सरकार ने 204 कृषि बाजारों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कुल 461.83 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इनमें से 87 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 117 परियोजनाओं पर काम जारी है। अब वित्त वर्ष 2026-27 में 58 अन्य बाजारों के विकास की योजना बनाई गई है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग प्राथमिक ग्रामीण बाजारों और विनियमित कृषि बाजारों के विकास के लिए प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर योजनाएं लागू करता है। सरकार का लक्ष्य बाजारों में सुविधाओं का विस्तार कर कृषि उपज की खरीद-बिक्री को अधिक सुगम बनाना है।

किसानों और व्यापारियों को मिलेगा लाभ

गजरिया में नवनिर्मित दो मंजिला बाजार से स्थानीय किसानों और व्यापारियों को कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री के लिए बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। बेहतर बाजार ढांचा किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि व्यापार को भी बढ़ावा दे सकता है। मंत्री ने कृषि को भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र की प्रगति के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने कृषि विपणन सुविधाओं के आधुनिकीकरण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे के विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया। सरकार की योजना आगामी वित्त वर्ष में 58 और कृषि बाजारों का विकास कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की है। इससे राज्य में कृषि उत्पादों के विपणन और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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