देश/विदेश
ट्रक के गुप्त तहखाने से 30 मवेशी बरामद, एक की मौत
पुलिस चेकपोस्ट पर रुकने के बजाय भागा ट्रक चालक
दो राष्ट्रीय राजमार्गों पर पीछा कर पकड़ा गया वाहन
गुवाहाटी:
असम के नागांव जिले के कालियाबोर इलाके में पुलिस ने मवेशियों की कथित तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 30 मवेशियों को बरामद किया है। मवेशियों को ट्रक के भीतर बनाए गए एक गुप्त कक्ष में ठूंसकर रखा गया था। इस दौरान एक मवेशी मृत पाया गया। पुलिस ने ट्रक चालक नूर महमूद को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में मवेशियों को ऊपरी असम से बांग्लादेश ले जाए जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि, इस कथित तस्करी मार्ग की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
चेकपोस्ट से भागने पर पुलिस ने किया पीछा
न्यूज लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना मंगलवार, 13 अक्टूबर की देर रात की है। कालियाबोर के कुआरिटोल स्थित पुलिस चौकी के पास जांच के दौरान पुलिस ने एक ट्रक को रुकने का संकेत दिया, लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसकी गति बढ़ा दी और शिवस्थान की ओर भागने लगा। इसके बाद पुलिस टीम ने ट्रक का पीछा शुरू किया। पीछा राष्ट्रीय राजमार्ग-715 और राष्ट्रीय राजमार्ग-127 पर जारी रहा। आखिरकार पुलिस ने शिवस्थान के पास ट्रक को घेरकर रोक लिया। ट्रक का पंजीकरण नंबर AS 02 CC 7019 बताया गया है।
ट्रक में बनाया गया था गुप्त कक्ष
ट्रक की तलाशी के दौरान पुलिस को उसके ढांचे के भीतर विशेष रूप से बनाया गया एक गुप्त कक्ष मिला। इसी बंद और संकरे स्थान में 30 मवेशियों को रखा गया था। एक मवेशी मृत मिला, जबकि बाकी जीवित थे। पुलिस ने चालक नूर महमूद को हिरासत में लेकर ट्रक समेत कालियाबोर पुलिस चौकी पहुंचाया। नूर महमूद नागांव जिले के समागुड़ी पुलिस चौकी क्षेत्र के बोरमा बिल का निवासी बताया गया है। बरामद जीवित मवेशियों को सुरक्षित देखभाल के लिए नागांव स्थित एक गोशाला में पहुंचाया गया। वहां पशु चिकित्सकों ने मवेशियों की जांच की, ताकि उनकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया जा सके और आवश्यक उपचार दिया जा सके।
दो अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच
पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि मवेशियों को ऊपरी असम से बांग्लादेश की ओर ले जाया जा रहा था। जांचकर्ताओं को संदेह है कि तस्करी में शामिल लोग राजमार्गों पर पुलिस की जांच से बचने के लिए व्यावसायिक वाहनों में गुप्त कक्षों का इस्तेमाल कर रहे थे। इस मामले में समागुड़ी पुलिस चौकी क्षेत्र के इजाजुल हक और मुस्तफा अहमद नामक दो अन्य लोगों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मवेशी कहां से लाए गए थे, उन्हें कहां पहुंचाया जाना था और इस कथित तस्करी में अन्य कौन लोग शामिल हो सकते हैं। फिलहाल इन दोनों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
मवेशियों की तस्करी रोकने के लिए जांच तेज
इस घटना ने मवेशियों के अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे तरीकों पर फिर सवाल खड़े किए हैं। ट्रक के भीतर गुप्त कक्ष बनाकर मवेशियों को ले जाना न केवल पुलिस जांच से बचने का कथित प्रयास है, बल्कि इससे पशुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को भी गंभीर खतरा हो सकता है। पुलिस अब जब्त ट्रक, चालक से पूछताछ और अन्य संदिग्धों की भूमिका के आधार पर पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

