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ग्रामीण उच्च शिक्षा मजबूत करने को मेघालय सरकार प्रतिबद्ध
मावक्यलेई कॉलेज को 25 लाख और विद्यार्थियों के संगीत-स्पोर्ट्स उपकरणों के लिए पांच लाख रुपये की घोषणा
गांव की आंतरिक सड़कों के लिए 3.5 करोड़ देने का भी आश्वासन
शिलांग :
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा का विस्तार करने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। शनिवार, 17 अक्टूबर को पश्चिम खासी हिल्स के मावक्यलेई कॉलेज के 15वें स्थापना दिवस समारोह में उन्होंने संस्थान के विकास के लिए 25 लाख रुपये और विद्यार्थियों के लिए संगीत तथा खेल उपकरण खरीदने के वास्ते पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त मावक्यलेई गांव की आंतरिक सड़कों के विकास के लिए 3.5 करोड़ रुपये देने का भी आश्वासन दिया। डोरबार लिंगदोह नोंगलाइट मैदान में आयोजित समारोह में मावथद्रैशन के विधायक शकलियार वारजरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कॉलेज के 15 वर्ष पूरे होने पर संस्थान से जुड़े शिक्षकों, विद्यार्थियों, उनके परिवारों और स्थानीय समुदाय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसी शैक्षणिक संस्थान की स्थापना और उसका निरंतर विकास सामुदायिक सहयोग, समर्पण और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम होता है।
शिक्षा को सामाजिक बदलाव का माध्यम बताया
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी भी सरकार के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है। इसके बिना समाज और राष्ट्र अपेक्षित गति से प्रगति नहीं कर सकते। शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावशाली माध्यम है और सरकार इसे प्राथमिकता देती है।उन्होंने वर्ष 2018 से मेघालय के शिक्षा क्षेत्र में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा के बजट में वृद्धि, बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार, प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक (पीजीआई) में बेहतर स्थिति तथा नए कॉलेजों और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा संस्थानों की स्थापना की दिशा में काम किया गया है। इसके अलावा, नए स्कूल भवनों का निर्माण और पुराने भवनों के सुधार एवं नवीनीकरण पर भी ध्यान दिया गया है।संगमा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव दिखाई दे रहा है, लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार, शिक्षकों, अभिभावकों, संस्थानों और समाज के अन्य वर्गों से सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
ग्रामीण विद्यार्थियों को घर के पास मिलेगी उच्च शिक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के लिए काम कर रही है। राज्य के कई स्कूलों और कॉलेजों को सहायता दी जा रही है। साथ ही, बेहतर प्रदर्शन करने वाले शैक्षणिक संस्थानों को प्रोत्साहित करने और विद्यार्थियों के लिए अधिक शैक्षणिक विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नीति तैयार करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने मावक्यलेई कॉलेज के अगले चरण के विकास के लिए शैक्षणिक गुणवत्ता मजबूत करने, विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन देने और उन्हें उच्च शिक्षा, रोजगार तथा समाज सेवा के लिए तैयार करने पर जोर दिया।मुख्यमंत्री के अनुसार, संस्थान का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाना भी होना चाहिए। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उचित मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की रुचि के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।
समुदाय की पहल से हुई थी कॉलेज की स्थापना
मावक्यलेई कॉलेज की स्थापना 6 जून 2011 को हुई थी। इसकी शुरुआत स्थानीय ग्रामीण समुदाय ने इस जरूरत को महसूस करने के बाद की कि 12वीं कक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए दूर के शहरों में जाना पड़ता था। यात्रा, रहने और अन्य खर्चों के कारण कई विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना कठिन हो जाता था।दिवंगत होपिंगस्टोन लिंगदोह के सहयोग और स्थानीय समुदाय के सामूहिक प्रयासों से कॉलेज की स्थापना हुई। मुख्यमंत्री ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए संस्थान के संस्थापक और राज्य के एक प्रमुख नेता के रूप में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने अपने दिवंगत पिता पी.ए. संगमा के साथ होपिंगस्टोन लिंगदोह के निकट संबंधों का भी उल्लेख किया।कॉलेज की स्थापना ने क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने घर के नजदीक उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर दिया। इससे दूरस्थ शहरों में पढ़ाई करने पर होने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिली है।
शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री की ओर से घोषित कुल 30 लाख रुपये में कॉलेज के लिए 25 लाख रुपये और विद्यार्थियों के संगीत एवं खेल उपकरणों के लिए पांच लाख रुपये शामिल हैं। इसके अतिरिक्त गांव की आंतरिक सड़कों के लिए 3.5 करोड़ रुपये देने का आश्वासन ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ संस्थान और उसके आसपास के क्षेत्र में विकास को प्रोत्साहित करना है। कॉलेज के 15 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि संस्थान आने वाले वर्षों में शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थी मार्गदर्शन और रोजगारोन्मुख तैयारी के क्षेत्र में और बेहतर योगदान देगा।

