गायघाटा एनकाउंटर पर सियासत तेज, पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

गायघाटा एनकाउंटर पर सियासत तेज, पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

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दिलीप घोष और रत्ना देबनाथ ने कार्रवाई का किया समर्थन

शमिक भट्टाचार्य ने ‘एनकाउंटर’ शब्द पर जताई आपत्ति

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता

बैरकपुर :

उत्तर 24 परगना के गायघाटा में किशोरी से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी प्रह्लाद दास की पुलिस फायरिंग में मौत के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। सत्तारूढ़ भाजपा के कुछ नेताओं ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन किया है, जबकि प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने इसे सीधे एनकाउंटर कहे जाने पर सवाल उठाए। विपक्षी दलों और मानवाधिकार संगठनों ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

दिलीप घोष बोले, अपराधियों में कानून का डर जरूरी

राज्य के पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने बुधवार को सिलीगुड़ी के बागडोगरा हवाईअड्डे पर कहा कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने दक्षिण 24 परगना के बरुईपुर में हुई पिछली पुलिस फायरिंग का जिक्र करते हुए कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। उनके मुताबिक, कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाना होगा और ऐसी सजा होनी चाहिए, जो दूसरों के लिए उदाहरण बने। भाजपा विधायक रत्ना देबनाथ ने भी कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि इससे अपराधियों में डर पैदा हो सकता है। उन्होंने दुष्कर्म और हत्या जैसे अपराधों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की।

शमिक ने कहा, एनकाउंटर और जवाबी फायरिंग अलग

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि पुलिस पर हमला होने की स्थिति में उसे कार्रवाई करनी पड़ सकती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि एनकाउंटर और दबाव में गोली चलाना एक ही बात नहीं है। प्रशासन को परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेना होता है।

विपक्ष ने उठाए सवाल, मानवाधिकार संगठन चिंतित

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सवाल किया कि अपराध का दोष तय करने का अधिकार अदालत के पास है या पुलिस के पास। तृणमूल नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि एनकाउंटर प्रचार का माध्यम बन सकता है, लेकिन देश में कानून मौजूद है। माकपा नेताओं सुजन चक्रवर्ती और मोहम्मद सलीम ने भी पुलिस के दावों तथा कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। मानवाधिकार संगठन एपीडीआर ने घटना पर चिंता जताते हुए आरोपी के पुलिस की रिवॉल्वर छीनने के दावे और घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जरूरत पर सवाल उठाए।

पीड़ित परिवार सदमे में

इस बीच, किशोरी के माता-पिता बेटी की मौत के सदमे से उबर नहीं पाए हैं। परिवार के कुछ रिश्तेदारों ने आरोपी की मौत पर हैरानी जताई। दूसरी ओर, प्रह्लाद के परिजनों और पड़ोसियों ने भी पुलिस कार्रवाई पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने हथियार छीनकर गोली चलाई थी और जवाबी फायरिंग में उसकी मौत हुई। इस दावे पर परिजनों ने सवाल उठाए हैं।
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