

इंडिगो के सीईओ विली वॉल्श ने सोमवार को कहा कि नवी मुंबई हवाई अड्डा एयरलाइन के लिए बड़ा अवसर है। मुंबई से कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई स्थानांतरित करने का फैसला इंडिगो के हित में है, क्योंकि कंपनी अपने लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार करना चाहती है।
कुछ विदेशी एयरलाइनों द्वारा उड़ानों के आंशिक स्थानांतरण का विरोध किए जाने के बीच वॉल्श ने कहा कि उन्हें फिलहाल दूसरी एयरलाइनों की टिप्पणियों की चिंता नहीं है।
अक्टूबर में इंडिगो, एयर इंडिया और अकासा एयर ने आने वाले महीनों में अपनी कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई हवाई अड्डे पर स्थानांतरित करने पर सहमति जताई थी। मुंबई और नवी मुंबई दोनों हवाई अड्डे अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) के तहत आते हैं।
वॉल्श ने स्पष्ट किया कि इंडिगो पर उड़ानें स्थानांतरित करने का दबाव नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारे लिए कुछ परिचालन नवी मुंबई ले जाना निश्चित रूप से उचित है, क्योंकि भविष्य में यह हमारे नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।”
उन्होंने कहा कि लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के विस्तार की महत्वाकांक्षा को देखते हुए नवी मुंबई इंडिगो के लिए बड़ा अवसर है। एयरलाइन का भविष्य मुंबई और नवी मुंबई दोनों हवाई अड्डों पर होगा और दोनों का संयोजन उसके लिए बेहतर साबित होगा।
वॉल्श ने कहा कि अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के सीईओ अरुण बंसल के साथ उनकी अच्छी बातचीत हुई है और दोनों नियमित रूप से चर्चा करने पर सहमत हुए हैं।
मुंबई हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 (टी1) का नवीनीकरण अगले साल शुरू होने की संभावना है और 2030 तक पूरा होने का अनुमान है। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल) चाहती है कि एयरलाइनें टर्मिनल-2 से कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें नवी मुंबई स्थानांतरित करें, ताकि टर्मिनल-2 में खाली जगह का इस्तेमाल घरेलू उड़ानों के लिए किया जा सके।
मुंबई हवाई अड्डे के टी1 से घरेलू और टी2 से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन होता है।
वॉल्श ने कहा कि इंडिगो अपनी क्षमता बढ़ाना चाहती है और नवी मुंबई में मजबूत उपस्थिति एयरलाइन के दीर्घकालिक हित में है। पीटीआई के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भारत में हवाई अड्डों के शुल्क बहुत अधिक हैं। शुल्क और कर कम होने से देश में विमानन क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।
इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। घरेलू बाजार में उसकी हिस्सेदारी 65 प्रतिशत से अधिक है और वह रोजाना करीब 2,200 उड़ानें संचालित करती है।