

नई दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके अशोक ठोंबरे ने देश के युवाओं से शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और नैतिक मूल्यों को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि आज का युवा ही कल के भारत की दिशा तय करेगा। यदि युवा अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ें, तो वे न केवल अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं, बल्कि देश को भी नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आज का दौर कड़ी प्रतिस्पर्धा और तेजी से बदलती तकनीक का है। ऐसे में केवल डिग्री हासिल करना ही सफलता के लिए पर्याप्त नहीं है। ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल, नवाचार, तकनीकी समझ, आत्मविश्वास और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता भी जरूरी है। उन्होंने युवाओं से समय का सदुपयोग करने, नई तकनीकों को सीखने और अपने लक्ष्यों के प्रति निरंतर प्रयासरत रहने की अपील की।
ठोंबरे ने कहा कि प्रत्येक युवा में अपनी परिस्थितियां और तकदीर बदलने की क्षमता होती है। इसके लिए सही दिशा, सकारात्मक सोच, धैर्य और निरंतर मेहनत जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों और मानवीय संवेदनाओं को भी अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि अच्छे संस्कार और मजबूत चरित्र व्यक्ति की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि युवाओं को समाज और राष्ट्र के विकास में भी सक्रिय योगदान देना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि युवा ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ेंगे, तो भारत के विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प जल्द साकार हो सकता है।
अशोक ठोंबरे ने युवाओं से समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत का भविष्य उनके हाथों में है। शिक्षा, कौशल, संस्कार और नवाचार से सशक्त युवा ही देश को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिला सकते हैं। इस बीच, अपने जन्मदिन के अवसर पर अशोक ठोंबरे को देश-विदेश से शुभचिंतकों, सहयोगियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि लोगों का सहयोग उन्हें समाज और राष्ट्रहित में और अधिक समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा देती हैं।